न्यूज 127. देशभर में यशोदा नंदन भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव इस बार 26 अगस्त यानि सोमवार को जन्माष्टमी पर्व के रूप में मनाया जा रहा है। इस बार जन्माष्टमी पर दुर्लभ संयोग व योग बन रहा है। मान्यता के अनुसार इस बार नंदलाल का यह 5251 वां जन्म उत्सव मनाया जाएगा।
ज्योतिषाचार्य राहुल अग्रवाल ने बताया कि इस बार अष्टमी तिथि के साथ रोहिणी नक्षत्र सर्वार्थ सिद्धि योग व गजकेसरी योग के साथ ही भगवान श्री कृष्ण के जन्म कुंडली से मिलती-जुलती ग्रहों की शुभ बेला में मनाया जाएगा। भगवान श्री कृष्ण की प्रचलित कुंडली में वृषभ लग्न में चंद्रमा अपनी उच्च राशि में रोहिणी नक्षत्र में लग्न में स्थित थे चतुर्थ भाव में सूर्य विराजमान थे इस बार भी ग्रहों की यही स्थिति बन रही है।
इस बार चंद्र उदय रात्रि 11:22 पर होगा। इसलिए यहां से लेकर लगभग 12:40 तक पूजा का विशेष समय जिसमें महानिशीत काल भी रहेगा। इस बार देवगुरु बृहस्पति भी अपने मित्र चंद्रमा के साथ जो की अपनी प्रिय राशि वृषभ में उच्च के होकर विराजमान है, उनके साथ गज केसरी योग का निर्माण करेंगे। पुराण के अनुसार 5251 वर्ष पूर्व जब भगवान कृष्ण का अवतार हुआ था उस समय जो योग व ग्रहों का संयोग बना था वह इस बार 26 अगस्त दिन सोमवार जन्माष्टमी महोत्सव पर पड़ रहा है। जिस कारण इस जन्मोत्सव की महिमा और बढ़ गई है इस दिन किया गया व्रत पूजन व दान विशेष फल देने वाला रहेगा।



