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शराब तस्करों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से नाराज एसएसपी अजय सिंह ने देहात क्षेत्र की एसओजी को एसओजी देहात को भंग कर दिया है। कोतवाली ऋषिकेश व थाना रायवाला में काफी समय से नियुक्त और निरोधात्मक कार्यवाही के आंकलन पर 37 पुलिसकर्मियों को तत्काल वहाँ से हटाकर जनपद के अन्य थानो में स्थानांतरित किया गया, देहात एसओजी में नियुक्त 11 पुलिस कर्मियों को हटाकर देहरादून एसओजी में स्थानांतरित किया गया.
देहरादून एसएसपी अजय सिंह का कहना है कि शराब तस्करों पर प्रभावी कार्रवाई हो इसलिए यह बड़ा फेरबदल किया गया है। ऋषिकेश कोतवाली और रायवाला थाने में तैनात पुलिस कर्मियों को शराब तस्करों पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएंगे। एसएसपी ने लोगों से अपील की है कि वह अपने क्षेत्र में नशा बेचने वालों की जानकारी पुलिस को दें। जिससे कि पुलिस नशे पर प्रभावी कार्रवाई कर सके।
बता दे की एसएसपी अजय सिंह आज ऋषिकेश स्थित बस ट्रांजिट कंपाउंड पहुंचे। यहां उन्होंने पुलिस कर्मियों के साथ समीक्षा बैठक की। जिसमें एसएसपी ने पाया कि ऋषिकेश कोतवाली पुलिस की परफॉर्मेंस शराब पकड़ने में बेहतर रही है। लेकिन एसओजी देहात शराब के बड़े तस्करों पर कार्रवाई नहीं कर सकी। इसलिए एसओजी देहात की पूरी टीम को देहरादून एसएसपी कार्यालय से अटैच कर दिया गया है। एसएसपी ने बताया कि ऋषिकेश में इंदिरा नगर प्रकरण में दो पक्षों के बीच मारपीट के मामले में चार मुकदमे दर्ज हुए हैं। एक मुकदमे में सुनील नाम के आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जबकि अन्य तीन मुकदमों में नामजद और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अभी जांच चल रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी ने बताया कि तीर्थ क्षेत्र में पिछले कई सालों से शराब तस्करी का धंधा करने वाले तस्करों को चिन्हित कर लिस्ट बनाई जा रही है। जिससे पुलिस उन पर आसानी से नजर रख सके। इसके अलावा प्रेस की आड़ में असामाजिक तत्वों की भी जांच शुरू की गई है।जिनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से फर्जी प्रेस वालों की शिकायत पुलिस को देने की अपील की है। अवैध शराब पर थाना ऋषिकेश पर इस साल की कार्यवाही के आंकड़े चेक किए गए।



