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खाकी वर्दी सुरक्षा का एहसास है। सड़क पर खाकी वर्दी में जवान को खड़ा देखकर इंसान खुद को सुरक्षित महसूस करता है। अगर वही इंसान मुसीबत में हो तो खाकी में भगवान नजर आता है। ऐसा ही कुछ हरिद्वार के ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र में हुआ। जब एक शादी समारोह में जा रही मिनी बस एक कार से टकरा गई। उसके बाद जो हुआ, उसकी कल्पना कोई नही कर सकता है। मिनी बस को करीब तीन सौं लोगों की भीड़ ने घेर लिया। बस में सवार महिलाएं पुलिस को पुकारती रही। बस के बाहर खड़ी आक्रोषित लोगों की भीड़ बस में सवार युवकों को बाहर निकालने को लेकर चिल्लाती रही। आखिरकार पुलिस को बारातियों से भरी बस को कोतवाली लेकर जाना पड़ा। उसके बाद देर रात्रि में दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
घटनाक्रम के मुताबिक लक्सर के गांव फेरूपुर की ओर से एक मिनी बस शंकर आश्रम जाने के लिए निकली। सिंहद्धार पुल पार करते ही मिनी बस एक कार से टकरा गई। जिसके बाद कार चालक युवक और बस में सवार युवकों में नोकझोंक हो गई। कार सवार युवक के मुताबिक मिनी बस में सवार बारातियों ने उसकी पिटाई कर दी। युवक के समर्थन में आए एक अन्य युवक की भी पिटाई कर दी। जिसके चलते उसकी नाक में चोट लग गई। इतनी देर में ही वहां रामनगर कॉलोनी के तमाम युवक जुट गए। मिनी बस को घेर लिया गया। मिनी बस में सवार महिलाओं ने अपने पुरूषों को बचाने के लिए बस के भीतर ही छिपा दिया। सैंकड़ों की संख्या में भीड़ बस में सवार युवकों को बाहर निकालने के लिए चिल्लाती रही। महिलाओं ने पुलिस को मिनी बस के भीतर ही छिपा कर रखा। भीड़ चिल्लाती रही, शोर मचाती रही। महिलाएं पुलिस का इंतजार करती रही। आखिरकार पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस के जवानों ने बड़ा धैर्य दिखाते हुए आक्रोषित भीड़ के तेवरों को देखने के बाद मिनी बस को कोतवाली ज्वालापुर ले जाने का निर्णय किया। पुलिस ने कानूनी कार्यवाही का भरोसा देकर भीड़ को शांत करते हुए कोतवाली ज्वालापुर बुलाया। जिसके बाद पुलिस ने बस में सवार सभी पुरूषों और युवकों को बाहर सुरक्षित निकाला। युवकों को पुलिस कस्टडी में रखा और आक्रोषित भीड़ से मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर देने की बात की।
बारातियों ने पुलिस को बताया कि वह बिहार के रहने वाले है। अपने रिश्तेदार की शादी में आए है। जिसकी शादी है वह सेना में जवान है। पुलिस ने शांति के साथ पूरी घटना को सुना। कोतवाली प्रभारी प्रदीप बिष्ट ने सभी को शांति से समझाया और मामूली विवाद को क्षमा याचना के साथ खत्म करने की सलाह दी। आखिरकार आक्रोषित भीड़ का गुस्सा शांत हो गया और कार के नुकसान की भरपाई के साथ हाईवोल्टेज ड्रामा खत्म हो गया। विवाद मध्य रात्रि 12 से एक बजे के बीच सुलटा। पुलिस ने महिलाओं को शादी में पहले ही भेज दिया था।
स्कूली बस
शादी समारोह में जा रही बस एक निजी स्कूल की थी। बस मालिक ने बताया कि पड़ोस के लोगों को शंकर आश्रम तक छोड़ने गई थी। लेकिन वहां कार से टकराने के बाद यह विवाद हो गया। बस किराए पर नही दी थी।



