गुरूकुल कांगड़ी में एलएलबी की पढ़ाई, कर्मचारियों के डीए में तीन फीसदी की बढोत्तरी, घूमने को एलटीसी












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न्यूज127
गुरूकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय से जुड़ी एक अहम और ऐतिहासिक बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट (बीओएम) की बैठक शुक्रवार को दिल्ली में संपन्न हुई। लगभग दो वर्षों के अंतराल के बाद आयोजित इस बैठक में विश्वविद्यालय के उन्नयन व कर्मचारी हितों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जो विश्वविद्यालय के प्रशासनिक और शैक्षणिक ढांचे को नई दिशा देंगे।
कुलपति प्रभात सेंगर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कुलाधिपति डॉ. एसके आर्य के नामित प्रतिनिधि डॉ. एसएम शर्मा, प्रो. प्रतिभा मल्होत्रा, डॉ. हरि प्रकाश शर्मा, विनय आर्य, डॉ. राजेन्द्र विद्यालंकार, कृपाल सिंह आर्य, अशोक कृति, और रजिस्ट्रार सुनील कुमार की मौजूदगी में करीब चार घंटे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
रजिस्ट्रार सुनील कुमार ने बताया कि बैठक में कर्मचारियों के हित में कई बड़े फैसले लिए गए। डीए (महंगाई भत्ता) में 3 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी। साल में चार कर्मचारियों को घूमने के लिए एलटीसी (Leave Travel Concession) की सुविधा। प्रत्येक कर्मचारी के लिए 40 हजार रुपये का मेडिकल इंश्योरेंस। तथा नए शैक्षणिक पाठ्यक्रमों की शुरुआत पर सैद्धांतिक स्वीकृति।
एलएलबी कोर्स की शुरुआत, सेल्फ फाइनेंस कोर्स बढाने पर चर्चा
एक और महत्वपूर्ण फैसला यह रहा कि गुरूकुल
कांगड़ी में अब एलएलबी (LLB) की पढ़ाई भी शुरू की जाएगी, जिससे विधि शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की भूमिका और भी मजबूत होगी।
बोर्ड बैठक में शामिल हुए दिग्गज
करीब चार घंटे चली बैठक में बीओएम के 13 में से 10 सदस्य शामिल हुए, जबकि यूजीसी के एक सदस्य ऑनलाइन जुड़े।
बीओएम सदस्य विनय आर्य ने बताया कि संस्था की एक इंच भूमि भी बेची नहीं जाएगी, और हर फैसला कर्मचारियों के हित को सर्वोपरि रखते हुए लिया जाएगा। पूर्व में बेची गई जमीनों को वापिस लेने का प्रयास किया जायेगा। गुरूकुल कांगड़ी एक बार पुन: अपने गौरव को हासिल करेगा। सभी कर्मचारियों का हित सुरक्षित है और उनके भविष्य को लेकर अच्छे कदम उठाए जायेगे। अगली बैठक अगस्त 2025 में आयोजित की जाएगी, जिसमें और भी संरचनात्मक बदलावों पर चर्चा की संभावना है। उन्होंने कहा कि जब संस्थागत इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो बदलाव अवश्य संभव है। यह बैठक न केवल विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए, बल्कि कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लिए भी एक नई आशा की किरण बनकर आई है।
रजिस्ट्रार सुनील कुमार को दी गई क्लीन चिट
विनय आर्य ने बताया कि बीओएम की बैठक में सुनील कुमार को क्लीन चिट मिल गई। उनके खिलाफ न कोई आरोप साबित हुआ और न ही उन्हें कोई आरोप पत्र थमाया गया था। बीओएम ने उन्हें पद से हटाने की कार्रवाई को खारिज कर दिया, साथ ही उनकी प्रशासनिक भूमिका को पूरी मजबूती दी। वहीं कुलपति डॉ. प्रभात सेंगर की नियुक्ति पर भी बीओएम ने आधिकारिक मुहर लगाई और स्वागत किया।