तीन महीने में 14 साल की नाबालिग से 200 पुरुषों ने किया यौन उत्पीड़न




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न्यूज 127.
देह व्यापार करने वाले गिरोह के चंगुल से एनजीओ, एचटीयू और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक ऐसी नाबालिग 14 साल की किशोरी को बचाया है जो पिछले तीन महीने से लगातार यौन उत्पीड़न का शिकार हो रही थी।
इस किशोरी को महाराष्ट्र के पालघर जिले में देह व्यापार गिरोह के चंगुल से बचाया गया है। किशोरी मूल रूप से बांग्लादेश की रहने वाली है, जिसे अवैध रूप से भारत में प्रवेश कराया गया था। देह व्यापार गिरोह के चंगुल से मुक्त करायी गई इस किशोरी का आरोप है कि उसके साथ तीन महीने की अवधि में कम से कम 200 पुरुषों ने यौन उत्पीड़न किया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट में एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि पीड़िता के दावे की जांच की जा रही है।

26 जुलाई को की गई थी छापेमारी
संयुक्त अभियान में वसई के नायगांव स्थित एक फ्लैट पर 26 जुलाई को छापेमारी कर नाबालिग को बचाया था। अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में से छह तीन बांग्लादेश के नागरिक हैं, इनमें 14 वर्षीय किशोरी भी शामिल है। गिरफ्तार किए गए लोगों में 33 और 32 वर्ष की दो महिलाएं भी शामिल हैं। उन्होंने कथित तौर पर नाबालिग को बांग्लादेश से भारत में प्रवेश करने में मदद की थी।

सबसे पहले नाडियाड में लाया गया
एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि नाबालिग द्वारा सुधार केंद्र में दिए गए उसके बयान के अनुसार, पीड़िता को सबसे पहले गुजरात के नाडियाड में तस्करी कर लाया गया, जहां उसके साथ यौन शोषण किया गया। हार्मनी फाउंडेशन के अध्यक्ष अब्राहम मथाई ने बताया कि लड़की स्कूल में एक विषय में फेल हो गई थी, जिसके बाद वह घर से भाग गई थी। मथाई ने दावा किया कि इसके बाद पीड़िता की एक परिचित महिला ने उसे अवैध रूप से भारत में दाखिल होने में मदद की और फिर उसे देह व्यापार में धकेल दिया।

यौन उत्पीड़न करने वालों का लगाया जाए पता
मथाई ने मांग की कि उन सभी 200 लोगों का पता लगाया जाना चाहिए और उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए जिन्होंने कथित तौर पर पीड़िता का यौन शोषण किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि लड़की को समय से पहले बड़ा दिखाने के लिए संभवतः हार्मोनल इंजेक्शन दिए गए होंगे।

पुलिस कर रही आरोपी की पुष्टि
एक अन्य अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि किशोरी के आरोपों की पुष्टि की जा रही है। पुलिस के अनुसार, नायगांव में 26 जुलाई को पर्दाफाश किए गए देह व्यापार गिरोह की पीड़ितों को कथित तौर पर महाराष्ट्र के नवी मुंबई, पुणे, गुजरात, कर्नाटक और देश के अन्य स्थानों पर तस्करी कर ले जाया गया था।