न्यूज 127. नवीन चौहान।
राजस्थान पुलिस को हाईटेक बनाने के लिए कई तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें आधुनिक तकनीक और बदलती आपराधिक प्रकृति पर विशेष जोर दिया गया है। इसी क्रम में मंगलवार को एनसीआरबी आईजी जन्मेजय खंडूरी ने राजस्थान पुलिस को प्रशिक्षण दिया।
आईजी जन्मेजय खंडूरी ने बताया कि यह प्रशिक्षण जयपुर पुलिस मुख्यालय में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रदेश के सभी थानों की पुलिस और अन्य अधिकारी आनलाइन वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए जुड़े रहे। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें बताया गया कि एनसीआरबी के जो एप है उनके माध्यम से कैसे साइबर क्राइम करने वालों को चिन्हित कर कार्रवाई की जा सकती है। टैक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर कैसे अपराधियों तक पहुंचा जा सकता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान आईजी जयपुर अजय लांबा, डीआईजी क्राइम जयपुर दीपक भार्गव समेत राजस्थान पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

पुलिस को हाईटेक बनाने के लिए दिए जा रहे प्रशिक्षण
सैटेलाइट-आधारित तकनीक का प्रशिक्षण: पुलिस अधिकारियों को अपराधों को शीघ्रता से रोकने और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सैटेलाइट पर आधारित तकनीक का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
साइबर सुरक्षा और डिजिटल फोरेंसिक: पुलिस को संगठित अपराध और साइबर खतरों से निपटने के लिए तकनीकी कौशल, साइबर सुरक्षा जागरूकता और डिजिटल फोरेंसिक का ज्ञान प्रदान किया जा रहा है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक पहचान: पुलिस बल को AI प्रौद्योगिकियों और फर्जी (deepfake) कंटेंट की पहचान करने के लिए तैयार किया जा रहा है, ताकि अपराधों पर प्रभावी ढंग से लगाम लगाई जा सके।
कंप्यूटरीकरण और IT सेल: राजस्थान पुलिस अकादमी में आधुनिक कंप्यूटर लैब (साइबर लैब, CCITNS लैब) स्थापित की गई हैं, जहाँ पुलिसकर्मियों को सूचना प्रौद्योगिकी का प्रशिक्षण दिया जाता है।



