राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और संवैधानिक गौरव से ओत-प्रोत रहा पूरा विद्यालय परिसर
देहरादून।
डीएवी पब्लिक स्कूल, डिफेंस कॉलोनी में 26 नवम्बर 2025 को संविधान दिवस एवं वंदे मातरम् की 150वीं जयंती का आयोजन अत्यंत गरिमापूर्ण एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। सुबह से ही विद्यालय परिसर राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और संवैधानिक सम्मान की भावना से परिपूर्ण दिखाई दे रहा था।
1875 में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वंदे मातरम् भारत की राष्ट्रीय चेतना, मातृभूमि के प्रति समर्पण और आत्मसम्मान का शाश्वत प्रतीक रहा है। इसी पावन रचना के 150 वर्ष पूरे होने पर विद्यालय में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए।
प्रातःकालीन सभा में कक्षा 1 से 12 तक के सभी छात्र-छात्राएँ प्रार्थना स्थल पर एकत्र हुए। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का भावपूर्ण गायन किया, जिसने पूरे परिसर को राष्ट्रभक्ति के उज्ज्वल रंगों से आलोकित कर दिया। इसके पश्चात इको क्लब (सामाजिक विज्ञान) द्वारा संविधान की मूल भावना— न्याय, स्वतंत्रता, समता और बन्धुत्व— के अर्थ और महत्त्व पर विस्तृत जानकारी विद्यार्थियों को दी गई।

कार्यक्रम के अंतर्गत कक्षा 8 ‘अ’ की छात्रा मिशिका ध्यानी के नेतृत्व में भारतीय संविधान की प्रस्तावना का शपथ-पाठ हुआ। सभी विद्यार्थियों ने अनुशासित पंक्तियों में खड़े होकर एक स्वर में प्रस्तावना का उच्चारण किया, जिससे पूरे प्रांगण में संवैधानिक आदर्शों की पवित्र गूँज सुनाई दी।

प्रधानाचार्या शालिनी समाधिया ने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि संविधान राष्ट्रीय एकता, नागरिक कर्तव्य और सामाजिक सौहार्द का सूत्र है, जबकि वंदे मातरम् केवल गीत नहीं, बल्कि ऊर्जा, संकल्प और राष्ट्रीय जागरण का मंत्र है। उन्होंने विद्यार्थियों को इन मूल्यों को आचरण में उतारने तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का समापन डीएवी गान के साथ हुआ, जिसके बाद कक्षा 9 के छात्रों ने संविधान-निर्माण, मौलिक अधिकार, कर्तव्य और विशेषताओं पर आधारित आकर्षक गतिविधियों का प्रदर्शन किया। यह समूचा आयोजन विद्यार्थियों में राष्ट्र-चेतना, उत्तरदायित्व और संवैधानिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में अत्यंत सफल रहा।



