हरिद्वार। दीपक चौहान
हरिद्वार–लक्सर रोड इन दिनों हादसों का हॉटस्पॉट बनती जा रही है। गुरुवार को इसी मार्ग पर हुए भीषण सड़क हादसे में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। लगातार बढ़ रहे यातायात दबाव, तेज रफ्तार और सड़क की सीमित चौड़ाई के कारण यहां दुर्घटनाओं की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है, जिससे स्थानीय लोगों में रोष और चिंता दोनों बढ़ रहे हैं।
यह मार्ग हरिद्वार शहर को लक्सर, पथरी, खानपुर सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों से जोड़ता है। साथ ही, हरिद्वार के कई नामचीन स्कूल इसी सड़क के किनारे स्थित हैं, जहां सुबह और दोपहर के समय बच्चों की आवाजाही के कारण ट्रैफिक काफी बढ़ जाता है। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही, विशेषकर खनन क्षेत्र से आने वाले डंपर और ट्रक, इस मार्ग को और अधिक जोखिमभरा बना देते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की कम चौड़ाई और जगह-जगह लगे जाम के कारण वाहन अक्सर ओवरटेक करते हैं, जो बड़े हादसों की वजह बन रहा है। बीते कुछ वर्षों में इस मार्ग पर हुई दुर्घटनाओं का ग्राफ तेजी से बढ़ा है, लेकिन अब एक ही दिन में तीन लोगों की मौत ने प्रशासन और सरकार का ध्यान इस ओर फिर से खींचा है।
हरिद्वार–लक्सर रोड को फोरलेन किए जाने का प्रस्ताव पहले से सरकार के पटल पर है, लेकिन निर्माण कब शुरू होगा, इस पर अभी भी संशय बना हुआ है। जनता की मांग है कि सरकार जल्द कार्रवाई करे ताकि इस व्यस्त मार्ग पर बढ़ती जानलेवा दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।


