केंद्र सरकार की तमाम योजनाओं का अंतिम छोर तक के व्यक्ति को मिले लाभ, समन्वय से धरातल पर उतारें योजनाएं
हरिद्वार
पूर्व मुख्यमंत्री एवं लोकसभा सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक बैठे व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। इस
के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ धरातल पर प्रभावी कार्य सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर आपसी तालमेल की कमी से जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शनिवार को मेला नियंत्रण कक्ष सीसीआर सभागार में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करते हुए केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विभागवार समीक्षा की। तथा पूर्व बैठकों में दिए गए निर्देशों की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक शुरू करने से पूर्व सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। जनपद आगमन पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्र ने पुष्पगुच्छ तथा श्रीमद्भगवद् गीता एवं रामचरित मानस भेंट कर स्वागत किया।

सड़क निर्माण, ओवरलोडिंग और स्वास्थ्य सेवाओं पर सख्त निर्देश
सड़क मार्गों की समीक्षा करते हुए सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि निर्माणाधीन सभी सड़कों के कार्यों को शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए। जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याओं पर भी त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ओवरलोडिंग वाहनों पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश परिवहन विभाग एवं पुलिस अधिकारियों को दिए, ताकि दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि अस्पतालों में आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर उपचार सुविधा मिले। गर्भवती महिलाओं को अनावश्यक रूप से रेफर न किया जाए, इसके लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही सांसद ने कहा कि यदि किसी भी अस्पताल में उपकरणों या संसाधनों की आवश्यकता होगी तो सांसद निधि से धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा एंटी रेबीज डोज और टीबी की दवाइयों की उपलब्धता की भी जानकारी ली गई।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत लीकेज पाइपलाइन की तत्काल मरम्मत
पेयजल विभाग की समीक्षा करते हुए सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने निर्देश दिए कि जल जीवन मिशन के तहत जहां-जहां पाइपलाइन लीकेज की समस्या है, वहां तत्काल मरम्मत कराई जाए। साथ ही पेयजल कार्यों के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों का शीघ्र मरम्मत कार्य कराने पर भी जोर दिया ताकि आम जनता को कोई असुविधा न हो।
बिजली, मत्स्य, सिंचाई और पशुपालन पर विशेष फोकस
सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विद्युत विभाग को निर्देश दिए गए कि बिजली आपूर्ति बाधित होने पर त्वरित गति से आपूर्ति बहाल की जाए। बिजली चोरी पर सख्ती बरतते हुए दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए।
मत्स्य विभाग को कहा गया कि तालाब निर्माण की संभावनाओं वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर अधिक से अधिक किसानों और युवाओं को मत्स्य पालन से जोड़ा जाए। सिंचाई विभाग को असिंचित क्षेत्रों का डाटा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए ताकि सिंचाई योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके।
पशुपालन विभाग को डेयरी एवं बकरी पालन को प्रोत्साहित करने के निर्देश देते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर बल दिया गया।
15 से अधिक विभागों की योजनाओं की समीक्षा
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, अटल पेंशन योजना, कृषि, पूर्ति, शिक्षा, बाल विकास, उद्योग, खेल, श्रम, समाज कल्याण, ग्राम्य विकास सहित अनेक विभागों की योजनाओं की समीक्षा की गई।
एक माह में रिपोर्ट तलब
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सांसद को आश्वस्त किया कि सभी विभाग उनके निर्देशों का सख्ती से पालन करेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों द्वारा बताई गई समस्याओं का एक माह के भीतर निस्तारण कर रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही व्यापक उपस्थिति
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, हरिद्वार मेयर किरण जैसल, विधायक मदन कौशिक, काजी निजामुद्दीन, वीरेन्द्र जाति, फुरकान अहमद, आदेश चौहान, प्रदीप बत्रा, अनुपमा रावत, जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, जिलाध्यक्ष रुड़की डॉ. मधु सिंह, शिवालिक नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, एचआरडीए सचिव मनीष सिंह, मुख्य नगर आयुक्त राकेश चंद्र तिवारी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।




