देहरादून।
राज्य सरकार ने आमजन को बड़ी राहत देते हुए राजस्व सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल करने की दिशा में अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राजस्व विभाग के 6 आधुनिक वेब पोर्टलों का शुभारंभ किया, जिसके बाद अब नागरिकों को खतौनी और जमीन से जुड़े अन्य दस्तावेजों के लिए तहसील और सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। अब ये सभी सेवाएं मोबाइल और इंटरनेट के माध्यम से घर बैठे उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिजिटल इंडिया की परिकल्पना के अनुरूप राज्य सरकार तकनीक के जरिए जनसेवाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बना रही है। ई-भूलेख के अपडेटेड संस्करण के माध्यम से अब सत्यापित खतौनी ऑनलाइन भुगतान कर सीधे प्राप्त की जा सकेगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी।
भू-नक्शा पोर्टल के जरिए भूमि मानचित्र (कैडस्ट्रल मैप) को सार्वजनिक डोमेन में निःशुल्क देखने की सुविधा दी गई है। वहीं भू-अनुमति पोर्टल से उद्योग, कृषि एवं बागवानी प्रयोजनों के लिए भूमि उपयोग की अनुमति की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है। एग्री लोन पोर्टल के माध्यम से किसान अब बैंक से ऋण लेने के लिए भी ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे, जिससे ऋण प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी बनेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन वेब पोर्टलों के माध्यम से प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा। यह पहल न केवल ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देगी, बल्कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के माध्यम से राज्य के विकास को भी नई गति प्रदान करेगी।
उत्तराखंड में अब जनता को घर बैठे मिलेगी खतौनी और जमीनों के कागज



