आद्य जगद्गुरू रामानन्दाचार्य महाराज की जयंती पर हरिद्वार में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब




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न्यूज 127, हरिद्वार।
आद्य जगद्गुरू रामानन्दाचार्य महाराज की 726वीं जयंती के पावन अवसर पर रामानन्दीय वैष्णव मण्डल के संयोजन में हरिद्वार में भव्य एवं दिव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। श्रवणनाथ नगर स्थित गुरु सेवक निवास उछाली आश्रम से प्रारंभ हुई यह शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई श्रवणनाथ नगर स्थित रामानन्द आश्रम आचार्य महापीठ पहुंचकर संपन्न हुई। शोभायात्रा के दौरान नगर का वातावरण भक्ति, श्रद्धा और उत्साह से सराबोर दिखाई दिया।
शोभायात्रा का शुभारंभ पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव महंत रविंद्रपुरी महाराज, महंत राजेश्वर शरण महाराज देवाचार्य, महंत राधानाथ दास महाराज कठिया बाबा एवं महंत विष्णुदास महाराज द्वारा नारियल फोड़कर विधिवत रूप से किया गया। यात्रा में देश के सभी तेरह अखाड़ों के संत-महापुरुषों की गरिमामयी उपस्थिति रही, वहीं बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने भी सहभागिता कर आयोजन को भव्य स्वरूप प्रदान किया।
श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए महंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि भारत के संतों, मनीषियों और महापुरुषों ने समाज को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आद्य जगद्गुरू रामानन्दाचार्य महाराज ने भक्ति की धारा को जन-जन तक पहुंचाते हुए सामाजिक समरसता, आध्यात्मिक चेतना और राष्ट्रबोध की अलख जगाई।
महंत विष्णुदास महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि जगद्गुरू रामानन्दाचार्य महाराज सामाजिक क्रांति के अग्रदूत थे। उन्होंने जाति, वर्ग और भेदभाव से ऊपर उठकर भक्ति, प्रेम और मानवता का संदेश दिया। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से महाराज की शिक्षाओं को आत्मसात कर मानव कल्याण के कार्यों में योगदान देने का आह्वान किया।
इस अवसर पर बाबा हठयोगी एवं महंत रघुवीर दास महाराज ने कहा कि आद्य जगद्गुरू रामानन्दाचार्य महाराज का संदेश था—“भक्ति में ही शक्ति है और सेवा ही सच्ची साधना है।” उन्होंने पूरे देश का भ्रमण कर जनजागरण किया, कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठाई और समाज में समरसता का वातावरण निर्मित किया।
कार्यक्रम में महंत राजेश्वर शरण महाराज देवाचार्य, महंत राधानाथ दास कठिया बाबा, महंत जसविन्दर सिंह, महंत जयेंद्र मुनि, महंत रघुवीर दास, स्वामी चिदविलासानंद, महंत सूर्यांश मुनि, महंत अरुण दास, महंत नारायण दास पटवारी, महंत प्रह्लाद दास, महंत दुर्गादास, महंत राजेंद्र दास, महंत प्रेमदास, महंत जयराम दास, महंत गणेश दास, महंत कैलाश मुनि सहित बड़ी संख्या में संत-महापुरुष एवं श्रद्धालु भक्त उपस्थित रहे।