हरिद्वार।
नगर निगम हरिद्वार ने कनखल क्षेत्र स्थित लाटोवाली स्थान पर दीवार पर लिखी गई आपत्तिजनक एवं अभद्र भाषा को लेकर स्पष्ट और सख्त स्पष्टीकरण जारी किया है। नगर निगम ने साफ शब्दों में कहा है कि उक्त दीवार लेखन से उसका कोई भी संबंध नहीं है और यह कृत्य अज्ञात व्यक्तियों द्वारा किया गया है, जिसमें भ्रामक रूप से नीचे “नगर निगम हरिद्वार” अंकित कर दिया गया था।
नगर निगम के संज्ञान में यह मामला आने के बाद विभाग ने इसे गंभीरता से लिया। निगम का कहना है कि स्वच्छता जागरूकता एक आवश्यक सामाजिक अभियान है, लेकिन इसके नाम पर किसी भी प्रकार की अशालीन, अपमानजनक या असंवैधानिक भाषा का प्रयोग पूरी तरह अस्वीकार्य है। नगर निगम हमेशा सभ्य, सकारात्मक और कानूनसम्मत तरीकों से ही नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करता आया है और आगे भी इसी नीति पर कार्य करेगा।
प्रकरण की जानकारी मिलते ही मुख्य सफाई निरीक्षक श्रीकांत ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित दीवार से आपत्तिजनक संदेश को तुरंत हटवा दिया गया, ताकि सार्वजनिक स्थल पर किसी भी प्रकार की गलत और आपत्तिजनक भाषा प्रदर्शित न रहे। निगम ने स्पष्ट किया कि शहर की छवि को धूमिल करने वाले ऐसे कृत्यों पर सख्ती बरती जाएगी।
इस पूरे मामले को लेकर नगर आयुक्त नंदन कुमार ने जांच के निर्देश जारी किए हैं। नगर निगम की टीम आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लोगों से पूछताछ कर रही है और क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह अभद्र लेखन किस व्यक्ति या समूह द्वारा किया गया। निगम प्रशासन का कहना है कि दोषियों की पहचान होते ही उनके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम ने आमजन से भी अपील की है कि यदि किसी को इस घटना से संबंधित कोई भी जानकारी हो, तो वह नगर निगम को तत्काल सूचित करे, जिससे दोषियों तक जल्द पहुंचा जा सके। निगम ने दोहराया कि शहर की स्वच्छता के साथ-साथ सामाजिक मर्यादा और सार्वजनिक शालीनता बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और स्वच्छता के नाम पर अभद्रता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्वच्छता के नाम पर अभद्रता बर्दाश्त नहीं, नगर निगम हरिद्वार ने किया सख्त खंडन



