हरिद्वार
राज्य कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर उत्तराखंड राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर 15 जनवरी से प्रस्तावित आंदोलन के प्रथम चरण के तहत गेट मीटिंग अभियान की शुरुआत आईटीआई जगजीतपुर, हरिद्वार से की गई। परिषद के सभी घटक संगठनों ने गेट मीटिंग में पूर्ण मनोयोग के साथ भागीदारी करते हुए सरकार के प्रति अपना रोष व्यक्त किया।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिला अध्यक्ष अमरीश कुमार ने कहा कि कर्मचारियों से जुड़ी प्रमुख मांगों—पुरानी एसीपी, गोल्डन कार्ड की विसंगतियों तथा वेतन विसंगति के प्रकरणों—पर राज्य सरकार द्वारा अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इससे प्रदेशभर के कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इसी के चलते प्रांतीय नेतृत्व ने चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया है, जिसकी शुरुआत गेट मीटिंग के माध्यम से की जा रही है। उन्होंने कहा कि जनपद हरिद्वार के सभी विभागों के कर्मचारी इस आंदोलन में व्यापक भागीदारी निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
परिषद की जिला सचिव अंकुर चौहान ने गेट मीटिंग में सहयोग देने वाले सभी घटक संघों के जिला अध्यक्षों एवं जिला सचिवों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी संगठनों ने एकजुट होकर उत्तराखंड राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद को मजबूती प्रदान की है। उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर परिषद की 18 सूत्रीय मांगों के निस्तारण में लगातार हीला-हवाली की जा रही है, जिसके चलते आंदोलन अनिवार्य हो गया था।
गेट मीटिंग में कर्मचारी प्रतिनिधियों ने सरकार से मांग की कि कर्मचारियों की जायज मांगों पर शीघ्र निर्णय लिया जाए, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा। बैठक में अनुज चौहान, गीता शर्मा, मोहित कुमार, भूषण कुमार, प्रदीप प्रजापति, उस्मान अली, दिनेश कुमार, गोपाल सिंह, संगीता बेलवाल, रेशमा चौहान, पूरण कुमार, राधेश्याम, दीपक कुमार, वासिन अली, राजेश कुमार एवं इरशाद अली सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
जिला सचिव अंकुर चौहान ने बताया कि प्रदेश स्तर पर आंदोलन की रूपरेखा इस प्रकार तय की गई है—
प्रथम चरण में 15 से 31 जनवरी 2026 तक विभिन्न कार्यालयों में गेट मीटिंग के माध्यम से जनजागरण किया जाएगा।
द्वितीय चरण में 7 फरवरी 2026 को जनपद स्तर पर धरना देकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा।
तृतीय चरण में 21 फरवरी 2026 को राजधानी देहरादून में प्रदेश स्तरीय धरना आयोजित होगा।
चतुर्थ चरण में 22 फरवरी से 31 मार्च 2026 तक क्षेत्रीय विधायकों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किए जाएंगे।
पंचम एवं अंतिम चरण में 13 मार्च 2026 को देहरादून में परेड ग्राउंड से सचिवालय तक प्रदेश स्तरीय रैली निकाली जाएगी।
परिषद नेताओं ने कहा कि यदि इसके बाद भी कर्मचारियों की मांगों पर सरकार ने सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
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