हरिद्वार।
पत्नी की बेरहमी से हत्या करने के मामले में न्यायालय ने दोषी पति को कड़ी सजा सुनाई है। तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह की अदालत ने आरोपी पति जगपाल को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास एवं 11 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
शासकीय अधिवक्ता कुशल पाल सिंह चौहान ने बताया कि यह मामला 1 फरवरी 2021 का है। वादी वेदपाल पुत्र मुकुन्दा, निवासी महाराजपुर, लक्सर द्वारा थाना पथरी में मुकदमा दर्ज कराया गया था। तहरीर में बताया गया कि उसकी पुत्री ममता का विवाह लगभग 15 वर्ष पूर्व ग्राम शिवगढ़, थाना पथरी निवासी जगपाल पुत्र आशा से हुआ था। दंपति के पांच बच्चे थे।
वेदपाल ने आरोप लगाया कि जगपाल आए दिन ममता के साथ मारपीट करता था। पति की प्रताड़ना से तंग आकर ममता कई बार मायके में आकर रहने लगी थी। हालांकि हर बार जगपाल अपनी गलती स्वीकार कर ममता को मनाकर वापस ले जाता था, लेकिन उसके व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ और वह लगातार ममता को परेशान करता रहा।
घटना वाले दिन सुबह करीब 8 से 9 बजे के बीच जगपाल ने अपने ही बच्चों के सामने ममता की कुल्हाड़ी से बेरहमी से हत्या कर दी। सुबह करीब 10 बजे परिजनों को घटना की सूचना मिली। हत्या के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने का प्रयास किया, कमरे में शव को बंद किया और बच्चों को धमकाकर मौके से फरार हो गया।
पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर उसी रात आरोपी जगपाल को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर ममता का खून से सना स्वेटर बरामद किया गया। इसके अलावा हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी पुलिस ने मौके से बरामद की।
मामले की विवेचना के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 13 गवाहों के बयान न्यायालय में कराए गए। गवाहों, साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि यह जघन्य अपराध है और इसमें कोई रियायत नहीं दी जा सकती।
न्यायालय ने आरोपी जगपाल को आजीवन कारावास की सजा के साथ 11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। फैसले के बाद पीड़ित पक्ष ने न्यायालय के निर्णय पर संतोष व्यक्त किया है।
पत्नी की कुल्हाड़ी से निर्मम हत्या, पति को आजीवन कारावास की सजा



