घूसखोरी करते चौकी इंचार्ज और सिपाही रंगे हाथ गिरफ्तार












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न्यूज127
जनपद में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। दहेज उत्पीड़न के एक मामले में कार्रवाई के नाम पर 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए चौकी इंचार्ज और सिपाही को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिसके बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। विजिलेंस की टीम आरोपियों को गिरफ्तार करके अपने साथ ले गई। मामले में पूछताछ की जा रही है। पूरा मामला उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले का है।
चौकी इंचार्ज दिवाकर मिश्रा और सिपाही गौरव द्विवेदी को एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक पीड़ित पक्ष ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी कि दहेज से जुड़े मामले में पुलिसकर्मी जांच और राहत दिलाने के नाम पर अवैध धन की मांग कर रहे हैं। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाया और तय योजना के तहत वाराणसी में कार्रवाई की।
जैसे ही एंटी करप्शन टीम मौके पर पहुंची, आरोप है कि चौकी इंचार्ज दिवाकर मिश्रा ने घबराहट में रिश्वत की रकम जमीन पर फेंक दी, लेकिन टीम ने तत्परता दिखाते हुए दोनों आरोपियों को मौके से ही पकड़ लिया। टीम ने रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली है और आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
मामला उजागर होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी (DCP) ने तत्काल प्रभाव से चौकी इंचार्ज दिवाकर मिश्रा और सिपाही गौरव द्विवेदी को निलंबित कर दिया है। साथ ही विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई को आम जनता में सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। मामले की विस्तृत जांच के बाद आगे और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।