नई दिल्ली
पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 केवल संख्याओं का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि अमृत काल का संकल्प-पत्र है, जो समृद्धि की धारा बहाते हुए विकसित भारत के स्वप्न को ठोस आधार प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि यह बजट अर्थव्यवस्था को सामर्थ्य, अंत्योदय को अभ्युदय तथा साधनों को समाधान में रूपांतरित करने की एक दूरदर्शी यात्रा है। आत्मनिर्भर भारत के विज़न के अनुरूप यह बजट घरेलू उद्योगों को गति देने, ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने और आयात-निर्भरता कम करने की स्पष्ट दिशा तय करता है।
सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि रोजगार सृजन, कृषि उत्पादकता में वृद्धि, आमजन की क्रय-शक्ति को मजबूती तथा शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सेवाओं की व्यापक पहुँच—ये सभी इस बजट की आत्मा हैं। इन्हीं निर्णायक प्रयासों का परिणाम है कि भारत ने लगभग 7 प्रतिशत की सशक्त विकास दर के साथ गरीबी उन्मूलन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट ‘सबका साथ-सबका विकास’ के मंत्र के साथ भारत को तेज़ी से आगे बढ़ाते हुए विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करेगा।
सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गरीब कल्याण, किसान सशक्तिकरण, मातृशक्ति के सम्मान और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को समर्पित इस लोकहितैषी, दूरदर्शी और राष्ट्रनिर्माणकारी बजट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं माननीय वित्त मंत्री जी का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने केंद्रीय बजट 2026-27 को बताया ‘अमृत काल का संकल्प-पत्र’







