देवसंस्कृति विश्वविद्यालय तपोभूमि, लघु भारत का स्वरूप: सांसद त्रिवेंद्र रावत








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देवसंस्कृति विवि में एनएसएस राष्ट्रीय एकीकरण शिविर का भव्य आगाज़
हरिद्वार।
देव संस्कृति विश्वविद्यालय परिसर राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समरसता के रंगों से सराबोर हो उठा, जब राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के राष्ट्रीय एकीकरण शिविर का भव्य शुभारम्भ उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत तथा कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
शिविर में देश के 13 राज्यों और 185 विश्वविद्यालयों से आए एक हजार से अधिक युवा प्रतिभाग कर रहे हैं। पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवाओं ने भारत की सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता का सजीव चित्र प्रस्तुत किया। पूरा परिसर ‘लघु भारत’ की अनुभूति कराता नजर आया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि देवसंस्कृति विश्वविद्यालय त्याग, तपस्या और साधना की तपोभूमि है। यहां विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए एनएसएस के छात्र-छात्राएं भारत की विविधता को एक सूत्र में पिरोते हुए दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत तेजी से विकसित राष्ट्र की दिशा में आगे बढ़ रहा है। देश में तीव्र औद्योगिकीकरण हो रहा है, सीमाओं तक सड़कों का जाल बिछाया जा चुका है और सेना अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित है। उन्होंने कहा कि आज भारत सुरक्षा और तकनीकी क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर मजबूती से बढ़ा है।
कोरोना संक्रमण काल की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश ने न केवल महामारी से पार पाया, बल्कि अर्थव्यवस्था को भी सुदृढ़ बनाए रखा। पिछले वर्षों में भारत की वैश्विक आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और युवा पीढ़ी को स्वयं को निरंतर अपडेट रखने की आवश्यकता है।
उन्होंने भारतीय वैदिक और सनातन सांस्कृतिक परंपरा को राष्ट्र की शक्ति बताते हुए कहा कि यह संस्कृति निरंतर प्रवाहित रही है और इसी ने देश को संघर्षों के बीच भी सशक्त बनाए रखा। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय एकीकरण शिविर युवाओं में राष्ट्रभाव और सांस्कृतिक समरसता को और मजबूत करेगा।

“युवा शक्ति ही विकसित भारत की आधारशिला” – रेखा आर्या
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि आज का भारत युवा भारत है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प युवाओं के परिश्रम, नवाचार और राष्ट्रनिष्ठा से ही पूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि सच्चा युवा वही है जिसके विचार पवित्र हों, लक्ष्य स्पष्ट हो और कर्म में निष्ठा हो। भारतीय युवाओं की प्रतिभा को आज वैश्विक मंच पर सम्मान मिल रहा है। स्टार्टअप, विज्ञान, तकनीक और खेल के क्षेत्र में युवाओं ने भारत की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकीकरण शिविर केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि ‘विविधता में एकता’ की भावना को सुदृढ़ करने का सशक्त माध्यम है। ऐसे शिविर युवाओं में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करते हैं।

शौर्य दीवार पर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि
कार्यक्रम से पूर्व अतिथियों ने विश्वविद्यालय परिसर स्थित शौर्य दीवार पर पुष्पांजलि अर्पित कर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने की। इस अवसर पर समरदीप सक्सेना, शांतिकुंज के व्यवस्थापक योगेंद्र गिरी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।