वो मदन के कद को नापते रहे, धुरंधर धामी ने किया ‘सरकार’ की आपदा का प्रबंधन








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न्यूज127
फिलहाल मदन कौशिक के कद को नापा जा रहा है। नगर विधायक के समर्थक केबिनेट मंत्री बनाये जाने की खुशी में जन आशीर्वाद यात्रा निकाल रहे है। वही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केबिनेट विस्तार के बाद मंत्रियों के विभागों का बंटबारा कर दिया। विभागों की अधिसूचना जारी होने के बाद से ही मदन कौशिक के कद का अंदाजा लगाया जाने लगा। कोई कद छोटा होना बता रहे है तो कोई सरकार में आपदा का प्रबंधन बता रहे है।
22 मार्च 2026 को जारी अधिसूचना में केबिनेट मदन कौशिक के पोर्टफोलियो में पंचायती राज, आपदा प्रबंधन एवं पुर्नवास, आयुष एवं आयुष शिक्षा पुनर्गठन एवं जनगणना है। जिसके चलते पांच विभाग पंचायती राज, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, आयुष एवं आयुष शिक्षा, पुनर्गठन और जनगणना की जिम्मेदारी दी गई है।
उत्तराखंड की बात करें तो आपदा प्रबंधन सरकार का सबसे महत्वपूर्ण विभाग है। सरकार का सबसे भारी भरकम बजट आपदा पर ही खर्च होता है। इसी के चलते प्रदेश में आपदा प्रबंधन एक चुनौती है। जिसमें एक अनुभवी मंत्री की ही जरूरत है।
मदन कौशिक के अनुभव की बात करें तो पांचवी बार विधायक है और चौथी बार केबिनेट मंत्री बने है। साल 2002 में हरिद्वार से विधायक निर्वाचित हुए। साल 2007 में दूसरी बार विधायक बने तो केबिनेट मंत्री बनाए गए है। उनका सियासी अनुभव और चुनावी प्रबंधन का लोहा सभी मानने लगे। पत्रकारों के शब्दों में बात करें तो उनका सियासी कद बढ़ने लगा और ताकतवर बने। साल 2012 के विधानसभा चुनाव में भी मदन कौशिक बड़े अंतर से जीत कर विधानसभा पहुंचे। लेकिन सरकार कांग्रेस की बनी। वही साल 2017 में भाजपा प्रचंड जीत के साथ सरकार में आई। त्रिवेंद्र सिंह रावत को मुख्यमंत्री बनाया गया तो मदन कौशिक तीसरी बार केबिनेट मंत्री बने। मदन कौशिक त्रिवेंद्र सरकार में हेवीवेट रहे और शहरी विकास मंत्री के साथ कई महत्वपूर्ण विभाग रहे।
इसी के साथ उनको संगठन का दायित्व भी सौंपा गया और प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। साल 2022 के विधानसभा चुनाव में मदन कौशिक के प्रदेश अध्यक्ष पद पर रहते हुए भाजपा ने दूसरी बाद प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाई।
इस बार प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की कमान युवा पुष्कर सिंह धामी के पास रही। भाजपा की आंतरिक राजनैतिक कारणों के चलते मदन कौशिक को केबिनेट में जगह नही ​दी गई। साल 2022 से लेकर साल 2026 तक बतौर विधायक के तौर पर पार्टी और क्षेत्र की जनता के लिए कार्य करते रहे। हालांकि इन चार सालों में सरकार विरोधी कोई बयान उनका नही आया। लंबे अंतराल के बाद अब धामी केबिनेट का विस्तार हुआ तो मदन कौशिक को मंत्री बनाया गया। निश्चित तौर पर मदन के समर्थकों में खुशी का माहौल है। हरिद्वार में 22 मार्च 2026 को निकाली नगर विधानसभा क्षेत्र में निकाली गई जन आशीर्वाद यात्रा समर्थकों की खुशी का ही परिणाम है।
लेकिन सवाल जस का तस है कि मदन का कद घटा या बढ़ा तो यह राजनैतिक घटनाक्रम है।
मदन कौशिक खांटी भाजपाई है। जनाधार वाले नेता है। चुनावी प्रबंधन में महारत हासिल है। ऐसे में युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को मदन कौशिक के केबिनेट में लेने से सरकार और संगठन का प्रबंधन जरूर बेहतर होगा।
धुरंधर धामी ने इसी के चलते उनको आपदा प्रबंधन की जिम्मेदारी दी है। ऐसे में सरकार हो या प्रदेश में ​आपदा की कोई स्थिति नही है। मदन का कद अपनी जगह है।