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जिलाधिकारी ने पात्र लाभार्थी को मनरेगा योजना का लाभ न दिए जाने के मामले में गंभीर लापरवाही बरतने पर तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी मकान लाल पठोई के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए आर्थिक दण्ड अधिरोपित किया है।
जिलाधिकारी ने कार्यो में लापरवाही बरतने वाले तमाम अधिकारियों को संदेश देने का प्रयास किया है। ताकि कोई जन सेवा के कार्यो में हीला हवाली ना करें।
जिलाधिकारी नितिका ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूर्व में दिए गए जांच निर्देशों के क्रम में खण्ड विकास अधिकारी, जौनपुर द्वारा 11 मार्च 2026 को प्रस्तुत आख्या तथा तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी द्वारा 08 फरवरी 2026 को प्रस्तुत प्रत्यावेदन के परीक्षण में यह तथ्य प्रकाश में आया कि मंजू देवी पत्नी बुद्धि सिंह के आवास निर्माण हेतु 09 फरवरी 2023 को जारी कार्यादेश में स्पष्ट रूप से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत 95 कार्य दिवस का लाभ प्रदान किए जाने तथा आवास निर्माण में कन्वर्जेन्स सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रावधानों के अनुसार आवास सॉफ्टवेयर में वर्क कोड जनरेट होते ही मनरेगा सॉफ्टवेयर में स्वतः वर्क कोड जनरेट हो जाता है, जिसके लिए पृथक आदेश की आवश्यकता नहीं होती है।
इसके बावजूद संबंधित ग्राम विकास अधिकारी द्वारा प्रावधानों की जानकारी होने के बाद भी लाभार्थी को मनरेगा के तहत अनुमन्य लाभ प्रदान करने हेतु कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई। फलस्वरूप, पात्र लाभार्थी को आर्थिक लाभ से वंचित रहना पड़ा, जो संबंधित अधिकारी की शासकीय कार्यों के प्रति गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
उक्त प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी सक्षम प्राधिकारी द्वारा तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी मकान लाल पठोई (वर्तमान तैनाती विकासखण्ड थौलधार) पर 95 मानव दिवस के समतुल्य ₹20,235/- (मजदूरी दर ₹213 प्रति दिवस के आधार पर) का दण्ड अधिरोपित किया गया है।
जिलाधिकारी ने खण्ड विकास अधिकारी, थौलधार को निर्देशित किया है कि संबंधित अधिकारी से उक्त धनराशि की वसूली सुनिश्चित करते हुए 15 दिवस के भीतर अनुपालन आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए ।




