मेरठ। कृषि विवि और पशुपालन विभाग द्वारा इफ्को टोकियो जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड द्वारा प्रायोजित परियोजना के माध्यम से मेरठ के ग्राम भदौली में निशुल्क पशु स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।

इस शिविर का मार्गदर्शन कृषि विवि के कुलपति डॉ के.के. सिंह तथा पशुपालन विभाग के अपर निदेशक डॉ. अरुण जादौन ने किया। इस अवसर पर प्रोफेसर राजवीर सिंह ने बताया कि प्रदेश में पड़ रही चिलचिलाती गर्मी से पशुओं में दुग्ध उत्पादन कम हो रहा है इसलिए पशुओं को सीधी धूप से बचाने के लिए पशुशाला के मुख्य द्वार पर खस (खसखस) या जूट की बोरियों के पर्दे लगाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सम्भव हो तो पंखे, कूलर और स्प्रिंकलर सिस्टम भी लगवाया जा सकता है।

परियोजना प्रभारी डॉ अमित वर्मा ने बताया कि अधिक गर्मी होने पर कई बार पशु मुंह खोलकर साँस लेता है जिससे उसकी लार बाहर गिरती रहती है। औसतन एक दिन में 100-150 लीटर लार का स्राव होता है, जिसके बाहर गिरने से पशु का पाचन प्रभावित होता है और पशु निर्जलीकरण से प्रभावित हो सकता है। अत: पशुओं को दिन में चार से पाँच बार ताज़ा पानी पिलवाना चाहिए तथा आहार में पर्याप्त ऊर्जा और प्रोटीन की आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए।

इसके अलावा पशुओं को चारा, दाना सुबह और शाम को ठंडक के समय ही दें। यदि पशु हीट स्ट्रोक से ग्रसित दिखे तो तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सालय पर सम्पर्क करें। शिविर में 113 पशुओं की विभिन्न बीमारियों जैसे कि बाँझपन, वाह्य परीजीवी, बुखार इत्यादि सकी जाँच कर निशुल्क दवाओं का वितरण किया गया।
शिविर में पशुचिकित्सा महाविद्यालय के डा० अमित वर्मा, डा० अरबिंद सिंह, डा० अजीत कुमार सिंह, डा० प्रेम सागर मौर्या, डा० आशुतोष त्रिपाठी, डा० रमाकान्त आदि विशेषज्ञ डॉक्टरों ने पशुओं की जाँच की। आयोजन पशु चिकित्सा अधिकारी डा० सुबोध गोयल ने किया।
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