अजय चौहान.
लोकसभा में आज यानि मंगलवार को केंद्र की मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में पहले अविश्वास प्रस्ताव का सामना करेगी। हालांकि सत्ता पक्ष संख्याबल की दृष्टि से मजबूत है और यह प्रस्ताव गिर जाएगा। लेकिन मोदी सरकार ने चर्चा के दौरान विपक्ष पर प्रहार करने के लिए अपनी पूरी रणनीति बना ली है।

विशेषज्ञों का कहना है कि चूंकि चंद महीने बाद लोकसभा चुनाव है और संख्याबल की दृष्टि से सरकार को कोई खतरा नहीं है, ऐसे में अविश्वास प्रस्ताव पर होने वाली चर्चा चुनावी होगी।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की संसद सदस्यता भी बहाल हो चुकी है, ऐसे मंगलवार को संसद में केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ कांग्रेस के लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस पार्टी चाहती है कि सरकार के खिलाफ इस अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान राहुल गांधी पार्टी की ओर से मुख्य वक्ता की भूमिका निभाएं।
ऐसे में इस बात की ज्यादा संभावना है कि राहुल गांधी लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बहस की शुरुआत कर सकते हैं। वहीं दूसरी ओर भाजपा ने भी चर्चा के दौरान विपक्ष को जवाब देने की पूरी तैयारी की हुई है। बताया जा रहा है कि चर्चा के दौरान मोदी सरकार जहां अपनी उपलब्धियों का बखान करेगी वहीं विपक्ष पर भी तीखे हमले करेगी। कुल मिलाकर अविश्वास प्रस्ताव पर होने वाली चर्चा हंगामेदार रहने वाली दिख रही है।

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