चुनावी मौसम में प्रचंड गरमी का दिखेगा असर, गरम होगा पारे का मिजाज








Listen to this article

नवीन चौहान.
चुनावी मौसम शुरू हो गया है, वहीं दूसरी ओर सर्दी के बाद गरमी का मौसम आ गया है। लेकिन मौसम विभाग ने कहा है कि इस बार प्रचंड गरमी का दौर देखने को​ मिलेगा। मौसम विभाग का कहना है कि इस साल अप्रैल से जून के बीच आम चुनावों के चलते सियासी गर्मी तो रहेगी ही, आसमान से बरसने वाली आग से भी पारा चढ़ेगा।

प्रचंड गरमी की तपिश पूरे देश में महसूस की जाएगी। इस बार लू भी 10 से 20 दिन तक चलने की संभावना जतायी गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, मध्य और पश्चिमी प्रायद्वीपीय भागों पर सबसे बुरा असर पड़ने की आशंका है।

आईएमडी महानिदेशक के मुताबिक अल नीनो की स्थितियां कमजोर हो रही हैं, लेकिन अप्रैल से मई के दौरान इसका प्रभाव बना रहेगा। मध्य प्रशांत महासागर का सतह जब सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाता है तो अल नीनो की स्थिति बनती है। अल नीनो के प्रभाव से भारत में सामान्य से अधिक गर्मी पड़ती है और लू भी चलती है। अल नीनो का दुनियाभर में असर पड़ता है और तापमान में वृद्धि होने के साथ ही गर्मी के दिन भी बढ़ते हैं।

आईएमडी के मुताबिक, इस साल मानूसन के उत्तरार्ध में ला नीना की स्थिति बनेगी और इसके चलते देश में झमाझम बारिश होगी। महापात्र ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में सामान्य तौर पर चार से आठ दिनों तक लू चलती है, लेकिन इस साल 10 से 20 दिन तक लू चलने की आशंका है। गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, उत्तरी कर्नाटक, राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा, उत्तरी छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश में लू का सबसे बुरा प्रभाव पड़ सकता है।