जीजा और साले ने की चोरी की वारदात, मध्य प्रदेश से जीजा गिरफ्तार








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हरिद्वार।
शिवालिक नगर में अलमारी की चाबी बनाने के बहाने घर में घुसे शातिर कारीगर ने सोने-चांदी के जेवरात पर हाथ साफ कर दिया। बुजुर्ग महिला को झांसा देकर अंजाम दी गई इस वारदात के खुलासे में हरिद्वार पुलिस ने मध्यप्रदेश तक पीछा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका साथी फरार है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं और जल्द ही शेष चोरी का माल बरामद कर लिया जाएगा।
9 फरवरी 2026 को शिवालिक नगर निवासी संदीप धीमान ने कोतवाली रानीपुर में शिकायत दर्ज कराई कि उनकी बुजुर्ग माता ने अलमारी की चाबी बनवाने के लिए दो व्यक्तियों को घर बुलाया था। आरोपियों ने गोदरेज अलमारी की चाबी बनाने का बहाना किया और मौका पाकर अलमारी में रखे सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर फरार हो गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के निर्देश पर कोतवाली रानीपुर और सीआईयू हरिद्वार की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल के आसपास के साक्ष्यों, संदिग्धों की गतिविधियों और संभावित ठिकानों की गहन जांच की। तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को आरोपियों के मध्यप्रदेश भागने की जानकारी मिली।
पुलिस टीम ने 20 फरवरी 2026 को मध्यप्रदेश के धार जिले के गंधवानी थाना क्षेत्र स्थित ग्राम बारिया से आरोपी गोविंद छाबड़ा (25 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से चोरी की गई एक पीली धातु की अंगूठी बरामद की गई।

साले के साथ मिलकर दिया था वारदात को अंजाम
पूछताछ में आरोपी गोविंद छाबड़ा ने खुलासा किया कि वह अपने साले के साथ मध्यप्रदेश से हरिद्वार आया था और शिवालिक नगर के घर में चाबी बनाने के बहाने घुसकर अलमारी से जेवर चोरी कर लिए। वारदात के बाद दोनों आरोपी वापस मध्यप्रदेश लौट गए। उसने यह भी बताया कि बरामद अंगूठी के अलावा बाकी आभूषण उसके साले के पास हैं।

फरार आरोपी की तलाश जारी
पुलिस ने जब गोविंद के साले के घर दबिश दी तो वह परिवार सहित मकान पर ताला लगाकर फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में बढ़ोतरी करते हुए आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिस टीम में
कोतवाली रानीपुर प्रभारी निरीक्षक आशुतोष राणा, उपनिरीक्षक विकास रावत, कांस्टेबल दीप गौड़, कांस्टेबल गंभीर तोमर और कांस्टेबल सुमन डोबाल के साथ सीआईयू प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र सिंह बिष्ट और कांस्टेबल वसीम की अहम भूमिका रही।