न्यूज 127.
मोबाइल कंपनियों के फाइबर केबिल सुरक्षा की राह में रोड़ा बन गए हैं। शहर के सर्राफा बाजार में सुरक्षा की दृष्टि से निगरानी के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे इन फाइबर केबिलों के जाल में उलझ गए हैं। केबिल वालों ने उनके फोकस ही आऊट कर दिये हैं। सर्राफा कारोबारियों ने इस समस्या पर उचित कार्रवाई की मांग की है।

मेरठ के सर्राफा बाजार के कारोबारियों का कहना है कि वाई-फाई केबिल वालों की अराजकता इस कदर बढ़ गई है कि, उन्होंने सर्राफा बाजार में लाखों रुपए खर्च कर व्यक्तिगत तौर पर सुरक्षा के लिए लगाए गए कमरे को भी मोटे-मोटे केबिलों के बंडल से ढक दिया है। सर्राफा व्यापारियों में इसे लेकर बहुत ही रोष है। उनका कहना है कहा कि स्थानीय प्रशासन ने हमारी सुरक्षा के लिए कोई कैमरे की व्यवस्था नहीं कर रखी है। हमने स्वयं लाखों रुपए खर्च कर अपनी सुरक्षा व्यवस्था के लिए आईपी कैमरे लगाए। लेकिन उसका लाभ नहीं मिल रहा है।

वाई फाई, केबल नेटवर्क वालों ने अपने तारों के बंडल से सारे कैमरे के एंगल भी बदल दिये हैं। कई कैमरें तो तारों के बंडल में ढक गए हैं। इसके अलावा इस बात पर भी रोष जताया गया कि केबिल नेटवर्क वाले अपने तारों को काटकर काटकर सड़क पर ऐसे ही फेक जाते हैं। जिससे दोपहिया वाहन सवार इन तारों में उलझ कर गिर जाते हैं। उनकी जान को भी खतरा लगातार बना रहता है।
सर्राफा बाजार के दुकानदारों का कहना है कि वाईफाई, नेटवर्क केबिल बिछाने वालों पर नियम कानून के अंतर्गत कार्यवाही होनी चाहिए। संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज होनी चाहिए। इससे पहले भी बिजली विभाग के टाउन हॉल स्थित जेई की लापरवाही के चलते कैमरों के कनेक्शन काट दिए गए थे। जिसमें लाखों रुपए सर्राफा व्यापारियों का दोबारा खर्च हुआ। उसकी भी क्षतिपूर्ति आज तक विद्युत विभाग से नहीं हो सकी है।
इंडियन मनी एक्सचेंजर एसोसिएशन के महामंत्री अवध बिहारी गुप्ता ने अब इस पूरे प्रकरण की आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। कारोबारियों का कहना है कि जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को भी इस समस्या की ओर ध्यान देना चाहिए। यह सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।



