वन अधिकारी के खाते से 13.66 लाख की निकासी, सौतेली मां सहित दो पर मुकदमा




Listen to this article

हरिद्वार।
सेवानिवृत्त वन विभाग के अधिकारी की मृत्यु के बाद उनके बैंक खाते से लाखों रुपये की कथित अवैध निकासी का मामला सामने आया है। मृतक के पुत्र ने अपनी सौतेली मां और एक अन्य व्यक्ति पर साजिश के तहत खाते से 13 लाख 66 हजार रुपये निकालने का गंभीर आरोप लगाया है। अदालत के आदेश पर शहर कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रीत विहार गणेशपुर रुड़की निवासी सार्थक पंवार ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनके पिता तेजपाल सिंह उत्तराखंड वन विभाग में क्षेत्राधिकारी पद पर कार्यरत रहे और धौलखण्ड रेंज, राजाजी टाइगर रिजर्व से सेवानिवृत्त हुए थे। 21 दिसंबर 2024 को उनका निधन हो गया था। इससे पूर्व उनकी माता का भी देहांत हो चुका था।
सार्थक पंवार का आरोप है कि पिता की मृत्यु के बाद उनके सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज, एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन उनकी दूसरी पत्नी सपना पंवार के कब्जे में थे। कई बार मांगने के बावजूद ये दस्तावेज उन्हें वापस नहीं किए गए। तेजपाल सिंह का भारतीय स्टेट बैंक की देवपुरा शाखा में खाता था, जिसमें उनके निधन के समय 17 लाख 96 हजार 234 रुपये जमा थे।
शिकायतकर्ता का कहना है कि उनके पिता ने 13 मई 2013 को अपनी संपत्ति के संबंध में एक पंजीकृत वसीयत बनाई थी, जिसमें बैंक खाते की पूरी धनराशि पर उनका अधिकार दर्शाया गया है। आरोप है कि जानबूझकर बैंक को पिता की मृत्यु की सूचना नहीं दी गई और 21 दिसंबर 2024 से 3 जनवरी 2025 के बीच यूपीआई, पेटीएम और एटीएम के माध्यम से 13 लाख 66 हजार 363 रुपये की रकम निकाल ली गई।
बैंक स्टेटमेंट की जांच में सामने आया है कि यह निकासी सपना पंवार के मोबाइल नंबर से की गई। वर्तमान में खाते में केवल 4 लाख 29 हजार 870 रुपये शेष हैं। सार्थक पंवार ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस संबंध में पूछताछ की तो सौतेली मां ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी।
कोतवाली प्रभारी रितेश शाह ने बताया कि अदालत के आदेश पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।