न्यूज 127, देहरादून।
उत्तराखण्ड में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और ऐतिहासिक पहल करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास देहरादून में मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से राज्य के 6 जनपदों की 484 एकल महिलाओं के खातों में प्रथम किश्त के रूप में 3 करोड़ 45 लाख 34 हजार 500 रुपये की धनराशि हस्तांतरित की।
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने बताया कि प्रथम चरण में जनपद बागेश्वर की 42, देहरादून की 191, नैनीताल की 75, पौड़ी की 66, टिहरी की 23 तथा उधमसिंहनगर की 87 लाभार्थी महिलाओं को योजना का लाभ दिया गया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के विभागीय कैलेंडर का भी विमोचन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर उन्हें सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना राज्य की लाखों महिलाओं के संघर्ष, साहस और आत्मविश्वास को नई दिशा देने का कार्य करेगी। महिलाओं के सशक्तिकरण के बिना किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति संभव नहीं है, क्योंकि महिला के सशक्त होने से पूरा परिवार और समाज सशक्त होता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि शेष 7 जनपदों की 540 एकल महिलाओं को भी लगभग 4 करोड़ की धनराशि इसी माह के अंत तक डीबीटी के माध्यम से प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस योजना में विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा तथा किसी भी कारण से अकेले जीवन का भार उठाने वाली महिलाओं के साथ-साथ एसिड अटैक पीड़िताओं, आपराधिक घटनाओं की पीड़ित महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय को भी शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के माध्यम से राज्य की नारी शक्ति अब केवल लाभार्थी नहीं बल्कि नेतृत्वकर्ता की भूमिका निभाएगी। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के कल्याण हेतु किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि संसद एवं विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी योजना तथा ट्रिपल तलाक जैसी कुप्रथा की समाप्ति जैसे ऐतिहासिक निर्णय महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मातृशक्ति के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यमिता और रोजगार के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, सशक्त बहना उत्सव योजना, मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना एवं मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के माध्यम से महिलाओं को नए अवसर प्रदान किए जा रहे हैं और महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को एक ब्रांड के रूप में विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में राज्य की लगभग 5 लाख महिलाएं 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका से जुड़ी हैं। 7 हजार से अधिक ग्राम्य संगठन और 500 से अधिक क्लस्टर संगठनों के जरिए महिलाएं सामूहिक नेतृत्व की मिसाल कायम कर रही हैं। प्रदेश की 1 लाख 68 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनकर महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में नया इतिहास रच चुकी हैं।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। यह योजना एकल महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करेगी।
सचिव चंद्रेश यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के अंतर्गत अधिकतम 2 लाख तक की परियोजनाएं स्वीकृत की जा रही हैं। लाभार्थी द्वारा लगाए गए स्वयं के अंशदान या ऋण के सापेक्ष 75 प्रतिशत अथवा अधिकतम 1.50 लाख तक की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। योजना में महिला का 25 प्रतिशत स्वयं का अंशदान अनिवार्य होगा। कार्यक्रम में निदेशक बी.एल. राणा, विक्रम, आरती, मोहित चौधरी सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का शुभारंभ, 484 लाभार्थियों को 3.45 करोड़ डीबीटी से हस्तांतरित







