मुख्यमंत्री पुष्कर धामी की कैबिनेट ने 46 पदों पर दी मंजूरी, छोटे दुकानदारों को राहत




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न्यूज127, देहरादून।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक कई अहम निर्णयों की साक्षी बनी। दस प्रस्तावों पर हुई विस्तृत चर्चा के बाद सरकार ने विभिन्न विभागों से जुड़े बड़े फैसलों को मंजूरी देकर विकास और सुशासन की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ाया।

पर्यावरण संरक्षण पर सरकार सख्त, सदन में पेश होगा लेखा-जोखा
कैबिनेट ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों और प्रगति रिपोर्ट को अब सदन पटल पर रखने का निर्णय लिया है। सरकार का मानना है कि पर्यावरण के मुद्दों पर पारदर्शिता ही भविष्य की नीतियों को मजबूत आधार देगी।

अभियोजन विभाग को ताकत मिलेगी, 46 नए पद स्वीकृत
न्याय व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने अभियोजन विभाग में नए पदों के गठन को मंजूरी दी। साथ ही 46 अतिरिक्त सहायक अभियोजन अधिकारियों के पद सृजित करने का निर्णय लिया गया है। इससे न्यायिक कार्यवाही में तेजी आने की उम्मीद है।

ऊर्जा विभाग का वार्षिक प्रतिवेदन सदन में रखा जाएगा
ऊर्जा विभाग का वर्ष 2022-23 का वार्षिक प्रतिवेदन कैबिनेट ने सदन में रखने को हरी झंडी दे दी।

महिला कर्मकारों के लिए बड़ी राहत, रात में काम करने की अनुमति
महिलाओं को अब रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक कार्यस्थल पर काम करने की आजादी मिलेगी। हालांकि यह तभी संभव होगा जब वे लिखित सहमति दें और नियोक्ता द्वारा सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। श्रम विभाग के इस प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।

दुकान और आस्थापन अधिनियम में संशोधन, छोटे प्रतिष्ठान रहेंगे सुरक्षित
दुकान एवं आस्थापन अधिनियम की तीन धाराओं में संशोधन को मंजूरी दी गई है। संशोधन से छोटे दुकानदारों और प्रतिष्ठानों पर कोई असर नहीं पड़ेगा, जबकि बड़े प्रतिष्ठानों को नए नियमों का पालन करना होगा।

शिक्षा विभाग के मामलों की होगी दोबारा जांच
उदयराज इंटर कॉलेज काशीपुर सहित कई मामलों में पुनः परीक्षण का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही चयन प्रोन्नत वेतनमान और अतिरिक्त वेतन वृद्धि से जुड़े मुद्दों की भी पुनः समीक्षा की जाएगी।

देहरादून नियो मेट्रो को मिली हरी झंडी
राजधानी देहरादून के लिए बड़ी खबर—नियो मेट्रो परियोजना को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई। केंद्र सरकार के आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय द्वारा दिए गए सुझावों को भी परियोजना में शामिल करने पर सहमति दी गई है।

कैबिनेट के ये फैसले आने वाले समय में राज्य की प्रशासनिक गति, पारदर्शिता और विकास की रफ्तार को और मजबूती देने वाले साबित हो सकते हैं।