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तीर्थ नगरी हरिद्वार के ओम पुल पर उस समय दिव्यता और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला जब उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंगा घाट पर शिवभक्त कांवड़ियों के पांव धोकर (प्रक्षालन) उनका अभिनंदन किया। इस आयोजन ने हरिद्वार में एक आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे भोलेनाथ के भक्तों के चरण धोकर उनका आशीर्वाद लेने का अवसर मिला।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर कांवड़ियों के ऊपर हैलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कराई गई। जिसे देखकर कांवड़िये अभिभूत हो उठे। इस पुण्य अवसर पर गंगा सभा एवं भारतीय नदी परिषद के तत्वावधान में गंगा तट पर विश्व के सबसे ऊँचे 251 फीट ऊंचे भगवा ध्वज की घोषणा एवं शिलान्यास भी मुख्यमंत्री द्वारा किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भजन संध्या में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन ने उन्हें परम आनंद की अनुभूति कराई। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल आस्था नहीं, यह तपस्या, साधना और सेवा का अवसर है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अब तक 1 करोड़ से अधिक कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि “श्रद्धा के साथ अनुशासन भी ज़रूरी है, और कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, मर्यादित और गरिमामय बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है।” उन्होंने हाल ही में हुई अनुशासनहीन घटनाओं पर चिंता जताते हुए अपील की कि शिवभक्ति का मार्ग विनम्रता और संयम से होकर जाता है, प्रदर्शन और उपद्रव से नहीं।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे देशव्यापी सांस्कृतिक पुनर्जागरण पर भी प्रकाश डाला — चाहे वह काशी विश्वनाथ कॉरिडोर हो, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, उज्जैन का महाकाल कॉरिडोर या उत्तराखण्ड में केदारनाथ-बद्रीनाथ का पुनर्निर्माण।

मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने बताया कि हरिद्वार-ऋषिकेश कोरिडोर का निर्माण प्रस्तावित है जिससे भविष्य में हरिद्वार भी काशी और अयोध्या जैसे भव्य स्वरूप में दिखाई देगा। उन्होंने बताया कि इस बार कांवड़ मेले में सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं —
300+ CCTV कैमरे
ड्रोन निगरानी
वॉटर एम्बुलेंस की सुविधा
हेल्थ सेंटर, टिन शेड, पार्किंग, विश्राम स्थलों की व्यवस्था
शौचालय एवं खाद्य गुणवत्ता की मॉनिटरिंग
उन्होंने “ऑपरेशन कालनेमि” की जानकारी दी, जिसके तहत धर्म की आड़ में छद्म वेशधारियों पर कार्रवाई हो रही है। साथ ही बताया कि प्रदेश में श्रीमद्भागवत गीता के पाठ को स्कूलों में अनिवार्य कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि यह राज्य केवल श्रद्धालुओं का स्वागत नहीं करता, बल्कि उनकी सेवा को अपना सौभाग्य मानता है। उन्होंने बताया कि शासन, प्रशासन, स्वयंसेवी संगठन, गंगा सभा, सफाईकर्मी, डॉक्टर्स सभी इस विराट आयोजन को सफल बनाने में जुटे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड अब विकास के साथ-साथ संस्कृति और सनातन मूल्यों के संरक्षण में भी अग्रणी बन चुका है। नीति आयोग की रिपोर्ट में उत्तराखण्ड देश में सतत विकास लक्ष्यों की पूर्ति में पहले स्थान पर है। उन्होंने कहा कि नकल विरोधी कानून लागू कर 24,000+ पारदर्शी नियुक्तियाँ की गईं हैं। धर्मांतरण, लव-जिहाद और लैंड जिहाद पर भी सख्त कार्रवाई की गई है।
अंत में उन्होंने कहा, “कांवड़ यात्रा केवल एक आयोजन नहीं, यह सनातन धर्म की आत्मा है। भगवान शिव के चरणों तक पहुँचने की यह यात्रा हमें शुद्ध करती है, अनुशासित बनाती है और हमारी आत्मा को शिवमय करती है।”
अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी, महामंडलेश्वर ललितानंद गिरि, राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, पूर्व विधायक शोभाराम प्रजापति, देशराज कर्णवाल, हरिद्वार मेयर किरण जैसल, रुड़की मेयर अनीता देवी, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, विधायक प्रदीप बत्रा, आदेश चौहान, मदन कौशिक, हरिद्वार भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, रुड़की जिलाध्यक्ष मधु, श्री गंगा सभा अध्यक्ष नितिन गौतम, महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, सभापति कृष्ण कुमार ठेकेदार, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, प्रणव सिंह चैंपियन, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, आईजी राजीव स्वरूप व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल सहित तमाम भाजपाई कई जनप्रतिनिधि, संतजन और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।



