न्यूज 127, देहरादून।
प्रदेश की विद्युत पारेषण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, आधुनिक एवं उपभोक्ता केंद्रित बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में गत वर्षों में पूर्ण की गई परियोजनाओं की उपलब्धियों, एडीबी एवं नॉन-एडीबी पोषित परियोजनाओं, मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत शिलान्यासित कार्यों, आरईसी/पीएफसी वित्तपोषित योजनाओं तथा वर्ष 2025-26 की प्रस्तावित योजनाओं पर गहन चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि विद्युत वितरण लॉस को न्यूनतम करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विद्युत चोरी पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने वितरण तंत्र में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
ग्रीष्मकालीन सीजन को दृष्टिगत रखते हुए मुख्यमंत्री ने यूजेवीएनएल, पिटकुल एवं यूपीसीएल को निर्देशित किया कि सभी परियोजनाओं की औपचारिकताएं मार्च माह तक पूर्ण कर ली जाएं और अप्रैल में उनका शुभारंभ सुनिश्चित किया जाए, ताकि विद्युत आपूर्ति निर्बाध बनी रहे।
सीएसआर मद में प्राप्त धनराशि के पारदर्शी एवं रचनात्मक उपयोग के लिए पृथक खाता खोलने के निर्देश दिए गए। एडीबी पोषित द्वितीय चरण की परियोजनाओं—बहादराबाद (हरिद्वार), कोटद्वार (पौड़ी), भिकियासैंण (अल्मोड़ा), कपकोट (बागेश्वर) एवं नंदप्रयाग (चमोली)—में भूमि आवंटन की प्रक्रिया एक सप्ताह में पूर्ण करने हेतु संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया। मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत सभी शिलान्यासित परियोजनाओं की सतत निगरानी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया।
पिटकुल के प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी ने अवगत कराया कि आरईसी द्वारा पिटकुल की क्रेडिट रेटिंग A+ से A++ किए जाने से ऋण पर 0.5 प्रतिशत अतिरिक्त छूट प्राप्त होगी, जिससे उपभोक्ताओं को कम टैरिफ का लाभ मिलेगा। वित्तीय वर्ष 2024-25 में पिटकुल द्वारा 1243 करोड़ का अब तक का सर्वाधिक लाभांश राज्य सरकार को प्रदान किया गया। विगत चार वर्षों में 22 परियोजनाएं पूर्ण की गई हैं, जिनमें 12 क्षमता वृद्धि से संबंधित हैं।
वर्तमान में एडीबी पोषित 220 एवं 120 केवी उपकेंद्र मंगलौर, सेलाकुई, आराघर, खटीमा, धौलाखेड़ा, लोहाघाट एवं सरवरखेड़ा में प्रगति पर हैं, जबकि नॉन-एडीबी पोषित 400, 220 एवं 132 केवी उपकेंद्र पीपलकोटी, घनसाली, बनबसा, रानीहाट, ऋषिकेश, अल्ट्राटेक एवं सिमली में निर्माणाधीन हैं।
बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु एवं आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव पंकज पांडेय, सी. रवि शंकर, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, विनय शंकर पाण्डेय, प्रबंध निदेशक उत्तराखंड जल विद्युत निगम डॉ. संदीप सिंघल तथा प्रबंध निदेशक यूपीसीएल अनिल कुमार सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की बिजली चोरी पर जीरो टॉलरेंस की नीति







