देहरादून।
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी की पत्नी गीता धामी ने साहसिक पर्यटन को बढ़ाने और पर्यटन कारोबार की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए शहंशाही आश्रम से झड़ीपानी तक ट्रेकिंग की। उन्होंने स्थानीय कारोबारियों का मनोबल बढ़ाया तथा आत्मनिर्भरता का संदेश जनता तक पहुंचाया।

सोशल मीडिया के माध्यम से सीएम पुष्कर सिंह धामी की पत्नी गीता धामी ने बताया कि उत्तराखण्ड की सुरम्य वादियों में स्थित शहंशाही आश्रम, ओल्ड राजपुर रोड से झड़ीपानी मार्ग तक की ट्रेकिंग एक अद्भुत और अविस्मरणीय अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि यह ट्रेक केवल रोमांच का माध्यम नहीं, बल्कि प्रकृति के सान्निध्य में आत्मिक शांति और मानसिक सुकून प्राप्त करने का एक श्रेष्ठ अवसर भी है। घने जंगलों, पहाड़ी रास्तों और शुद्ध वातावरण के बीच से गुजरते हुए हर यात्री को उत्तराखण्ड की वास्तविक सुंदरता का अनुभव होता है।

उन्होंने बताया कि इस मार्ग पर चलते हुए हर कदम पर ताजगी भरी हवा, पक्षियों की मधुर ध्वनि और प्राकृतिक दृश्य मन को ऊर्जा से भर देते हैं।
ट्रेकिंग के दौरान उन्होंने स्थानीय नागरिकों द्वारा संचालित छोटे-छोटे प्रतिष्ठानों का भी दौरा किया। अनीता देवी एवं सतीश प्रसाद के प्रतिष्ठान में रुककर चाय एवं नाश्ते का आनंद लिया। उन्होंने इन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहलें न केवल यात्रियों को घर जैसा अपनत्व प्रदान करती हैं, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम भी बन रही हैं।
गीता धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड में साहसिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यहां के ट्रेकिंग रूट, प्राकृतिक झरने, पर्वतीय दृश्य और आध्यात्मिक वातावरण देश-विदेश के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। यदि इन स्थलों का योजनाबद्ध विकास किया जाए तो यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस दिशा में स्थानीय समुदाय की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है, जिससे विकास के साथ-साथ परंपराओं और पर्यावरण का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सके।
अंत में उन्होंने प्रदेश में आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं से अपील की कि वे उत्तराखण्ड की प्राकृतिक धरोहर का सम्मान करें, स्वच्छता बनाए रखें और पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से उत्तराखण्ड को देश का प्रमुख पर्यटन और आध्यात्मिक केंद्र बनाया जा सकता है।




