नवीन चौहान
हरिद्वार। जिलाधिकारी सी. रविशंकर ने शुक्रवार को कैम्प कार्यालय में कुपोषित/अतिकुपोषित बच्चों के कल्याण हेतु रूपरेखा तैयार किये जाने के सम्बन्ध में एक बैठक की।
बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के पदाधिकारियों से वर्तमान में कुपोषण को दूर करने के लिये जो योजनायें एवं कार्यक्रम चल रहे हैं, उनके सम्बन्ध में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से यह भी पूछा कि आप कोई बच्चा अथवा गर्भवती महिला कुपोषित है, उसका कैसे पता लगायेंगे कि वह कुपोषण की शिकार है। इस पर अधिकारियों ने बताया कि सम्बन्धित का वजन, ऊंचाई, हीमोग्लोबिन का कम होना आदि के माध्यम से कुपोषण का पता लगाया जा सकता है।
बैठक में कुपोषण को दूर करने के विभिन्न माॅडलों-काॅमन डायनिंग सिस्टम, होम टू होम डिलीवरी आदि पर विस्तृत चर्चा हुई । जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे तीन दिन के भीतर विभिन्न आदर्श माॅडलों की रूपरेखा तैयार कर प्रस्ताव प्रस्तुत करें ताकि कुपोषण की समस्या से जल्द से जल्द निजात मिल सके।
बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास विभाग, विभिन्न स्वयं सेवी संस्थाओं के पदाधिकारी सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।
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