अल्मोड़ा
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित जनपद भ्रमण कार्यक्रम को लेकर आयोजित महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहना जिला पूर्ति अधिकारी को भारी पड़ गया। इस गंभीर अनुशासनहीनता को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने जिला पूर्ति अधिकारी का वेतन तत्काल प्रभाव से रोके जाने के आदेश दिए हैं तथा उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति शासन को प्रेषित की है।
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री के जनपद भ्रमण कार्यक्रम के दृष्टिगत आवश्यक तैयारियों एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा हेतु 19 दिसंबर 2025 को जनपद स्तरीय अधिकारियों की बैठक आहूत की गई थी। बैठक में सभी संबंधित विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की गई थी, किंतु जिला पूर्ति अधिकारी, अल्मोड़ा द्वारा बिना पूर्व अनुमति बैठक में अनुपस्थित रहकर शासकीय निर्देशों की अवहेलना की गई।
बैठक के दौरान जिला पूर्ति अधिकारी से कई बार दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, जिस पर उनके द्वारा अलग-अलग कारण बताए गए। इसके बावजूद स्पष्ट निर्देशों के बावजूद बैठक में उपस्थित न होना और समीक्षा प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करना, उनके शासकीय दायित्वों के प्रति गंभीर लापरवाही एवं उदासीनता को दर्शाता है। इसके चलते खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर समुचित समीक्षा और निर्णय प्रभावित हुए।
जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने इस कृत्य को मुख्यमंत्री जैसे सर्वोच्च स्तर के कार्यक्रम से जुड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी के प्रति गंभीर अनुशासनहीनता करार देते हुए इसे कर्मचारी आचरण नियमावली का स्पष्ट उल्लंघन बताया। उन्होंने प्रकरण को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तत्काल वेतन रोकने के आदेश जारी किए।
साथ ही जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी अधिकारी द्वारा आदेशों की अवहेलना, लापरवाही अथवा बहानेबाजी को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री एवं शासन स्तर के कार्यक्रमों में पूर्ण गंभीरता, अनुशासन, उत्तरदायित्व और समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।







