देहरादून
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने राजभवन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित द्विभाषी पुस्तकों ‘पुष्कर धामीः हिमालय की जीवंत ऊष्मा’ और ‘Pushkar Dhami: The Vibrant Heat of the Himalayas’ का विमोचन किया। युवा लेखिका संभावना पंत द्वारा संकलित इन पुस्तकों का प्रकाशन प्रभात पब्लिकेशन और रूपा पब्लिकेशन ने किया है।

कार्यक्रम में कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम, परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के स्वामी चिदानंद सरस्वती, तथा पूर्व राज्यपाल महाराष्ट्र एवं पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड भगत सिंह कोश्यारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
राज्यपाल ने लेखिका संभावना पंत को साधुवाद देते हुए कहा कि पुस्तक में यह खूबसूरती से दर्शाया गया है कि दादाजी के आदर्शों, माता की विनम्रता और एक सैनिक पिता के अनुशासन ने कैसे एक पुष्कर का निर्माण किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं—चाहे सिलक्यारा टनल आपदा हो या जोशीमठ संकट, धामी हमेशा सबसे पहले जनता के बीच पहुंचे। राज्यपाल ने उन्हें फ्रंटलाइन लीडर बताते हुए कहा कि उनके अनुशासन, करुणा और निर्णय क्षमता ने राज्य को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने अपने संबोधन में अपने पहाड़ी बचपन और माता-पिता के संघर्षों को भावुक होकर याद किया। उन्होंने कहा कि “मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं कुछ बड़ा बनूंगा, लेकिन हमेशा यह ऊष्मा थी कि समाज के लिए कुछ अच्छा करूं।” उन्होंने लेखिका और सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
स्वामी चिदानंद सरस्वती और आचार्य प्रमोद कृष्णम ने मुख्यमंत्री के कर्तव्यपरायणता, सरलता और राष्ट्रहित में लिए गए निर्णयों की सराहना की। लेखिका संभावना पंत ने बताया कि पुस्तक में धामी के व्यक्तित्व, संस्कार, नेतृत्व और संघर्षों को व्यवस्थित रूप में दर्ज किया गया है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सांसद नरेश बंसल, कल्पना सैनी, विधायक, पदमश्री बसंती बिष्ट सहित बड़ी संख्या में गणमान्य उपस्थित रहे।



