हरिद्वार
एचईसी कॉलेज ऑफ इंस्टीट्यूशन्स में ‘राष्ट्रीय विज्ञान दिवस’ के अवसर पर विज्ञान प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के चेयरमैन संदीप चौधरी एवं प्राचार्या डॉ. तृप्ति अग्रवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर चेयरमैन संदीप चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाने का उद्देश्य छात्रों एवं आम जनमानस में विज्ञान के प्रति रुचि जागृत करना तथा वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए मॉडलों और नवाचारों की सराहना करते हुए इसे भविष्य के वैज्ञानिकों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

छात्रों ने दिखाई वैज्ञानिक प्रतिभा
विज्ञान प्रदर्शनी में बीएससी, एमएससी, बीएससी (बायोटेक्नोलॉजी), बीएससी (माइक्रोबायोलॉजी) तथा बीएससी ऑनर्स (एग्रीकल्चर) के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रदर्शनी में फोटोथेरेपी, नैनोटेक्नोलॉजी, माइक्रोग्रीन्स, मिनी हाइड्रोइलेक्ट्रिक मॉडल जैसे आकर्षक और ज्ञानवर्धक विज्ञान मॉडल प्रस्तुत किए गए। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों ने स्वयं निर्मित उत्पाद जैसे ऑर्गेनिक धूपबत्ती, रोज वॉटर, एलोवेरा सैनिटाइजर, लिप बाम आदि भी प्रदर्शित किए, जिन्हें दर्शकों ने काफी सराहा।
विजेताओं को किया गया सम्मानित
निर्णायक मंडल में डॉ. निधि जोशी, अशोक कुमार, मीनाक्षी, कुमारप्रीत एवं करुणा नेहरा शामिल रहे।
मॉडल प्रतियोगिता परिणाम:
श्रेया एवं निशा के ‘फोटोथेरेपी’ मॉडल को प्रथम स्थान गरिमा श्रीवास्तव एवं विशाखा के ‘नैनोटेक्नोलॉजी’ मॉडल को द्वितीय स्थान कीर्ति भट्ट, आस्था एवं विश्रुत के ‘मिनी हाइड्रोइलेक्ट्रिक मॉडल’ को तृतीय स्थान
प्रोडक्ट स्टॉल प्रतियोगिता परिणाम:
भावना, गरिमा व अर्णव के ‘धूपबत्ती’ स्टॉल को प्रथम स्थान
हिमप्रीत, वंशिका सिंह एवं वंश के ‘फेस मास्क’ स्टॉल को द्वितीय स्थान
तनिष्का एवं प्रियांजली के ‘प्रोबायोटिक’ स्टॉल को तृतीय स्थान
इनोवेटिव आइडियाज श्रेणी में सिद्धार्थ को प्रथम स्थान, कासवी को द्वितीय स्थान मिला। विज्ञान प्रदर्शनी के सफल आयोजन में विभागाध्यक्ष डॉ. पूजा मिश्रा, डॉ. निधि जोशी, डॉ. दीपिका संगतानी, अंजली विश्नोई, अशोक कुमार, डॉ. तनु चंद्रा, डॉ. निधि वर्मा, मीनाक्षी सिंघल, कुमारप्रीत सहित समस्त शिक्षकगण की सक्रिय भूमिका रही। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए और विज्ञान के क्षेत्र में निरंतर नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया गया। यह प्रदर्शनी न केवल विद्यार्थियों के लिए अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच बनी, बल्कि उपस्थित जनसमूह के लिए भी ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी सिद्ध हुई।




