मेहनत और शिक्षा ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है: जिलाधिकारी मयूर दीक्षित




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हरिद्वार।
अगर जीवन में आगे बढ़ना है और कुछ अलग पहचान बनानी है, तो मन लगाकर पढ़ाई करना सबसे जरूरी है। मेहनत और निरंतर प्रयास से ही लक्ष्य हासिल होते हैं। यह प्रेरक संदेश जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित ने कनखल क्षेत्र के अजीतपुर भगवती पुरम स्थित पाठशाला में बच्चों को संबोधित करते हुए दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि उन्होंने भी कठिन परिश्रम और लगन के बल पर यह मुकाम हासिल किया है और सीखने की प्रक्रिया जीवनभर चलती रहती है।


सत्यम हेल्प फाउंडेशन द्वारा संचालित इस निःशुल्क पाठशाला में पहुंचकर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बच्चों से आत्मीय संवाद किया और शिक्षा के महत्व को सरल शब्दों में समझाया। उन्होंने बच्चों को लक्ष्य तय कर निरंतर मेहनत करने, आत्मविश्वास बनाए रखने और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। साथ ही बच्चों से सरकारी शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके शीघ्र समाधान का भरोसा भी दिलाया।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद भी जीवन का अहम हिस्सा है। खेल से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि मानसिक विकास भी होता है, जिससे पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ती है। उन्होंने बच्चों को स्वच्छता का संदेश देते हुए अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने सत्यम हेल्प फाउंडेशन की ओर से बच्चों को ट्रैक सूट वितरित किए और संस्था द्वारा समाज के वंचित वर्ग के बच्चों के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
फाउंडेशन के संरक्षक एवं वरिष्ठ पत्रकार अरुण कश्यप ने बताया कि इस पाठशाला में लगभग 80 बच्चे तीन बैचों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यहां निःशुल्क शिक्षा के साथ-साथ हर शनिवार बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए खेलकूद गतिविधियां भी कराई जाती हैं।
कार्यक्रम में पाठशाला स्टाफ से शीतल टंडन, आशा, खुशी कश्यप, वैभव भाटिया सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।