न्यूज127 | हरिद्वार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट हरिद्वार कॉरिडोर अब आकार लेने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर हरिद्वार को भी दिव्य, भव्य और सुव्यवस्थित स्वरूप देने की कवायद की जा रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के माध्यम से न केवल धार्मिक आस्था को सशक्त किया जाएगा, बल्कि उत्तराखंड के पर्यटन और आर्थिक विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
हरिद्वार कॉरिडोर परियोजना के तहत हर की पैड़ी, गंगा घाटों, प्रमुख मंदिरों और आसपास के क्षेत्रों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चौड़े पैदल मार्ग, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, बेहतर साफ-सफाई, पार्किंग और यातायात प्रबंधन की व्यवस्था की जाएगी। इससे देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित अनुभव मिलेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस परियोजना को उत्तराखंड की आर्थिक संपन्नता से जोड़कर देख रहे हैं। उनका मानना है कि हरिद्वार कॉरिडोर बनने से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग, परिवहन, हस्तशिल्प और छोटे व्यवसायों में भी जबरदस्त उछाल आएगा। इससे हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर मिलेंगे।
हरिद्वार पहले से ही चारधाम यात्रा का प्रमुख प्रवेश द्वार है। कॉरिडोर के निर्माण के बाद यहां श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है। इससे उत्तराखंड के पर्यटन कारोबार को पंख लगेंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हरिद्वार की पहचान एक विश्वस्तरीय आध्यात्मिक पर्यटन स्थल के रूप में और सशक्त होगी।
सरकार का उद्देश्य विकास के साथ-साथ हरिद्वार की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखना भी है। परियोजना के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा कि आस्था, परंपरा और पर्यावरण के साथ कोई समझौता न हो।
ट्रैवल कारोबारी अभिषेक अहलूवालिया का कहना है कि हरिद्वार कॉरिडोर परियोजना श्रद्धालुओं की सुविधा, शहर की सुंदरता और राज्य की आर्थिक उन्नति का मजबूत आधार बनने जा रही है। आने वाले समय में यह कॉरिडोर हरिद्वार की दिव्यता और भव्यता में चार चांद लगाने का काम करेगा।
HARIDWAR CORRIDOR हरिद्वार कॉरिडोर से उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को लगेंगे पंख



