हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत बोले बीज बोया है तो एक दिन फलेगा




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न्यूज127
पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वि​कसित भारत के विजन को लेकर आगे बढ़ रहे है। उनकी दूरदर्शी सोच के चलते भारत विश्व पटल पर नए—नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। विश्वगुरू बनने की दिशा में अग्रसरित हो रहा है। इसी के चलते मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने पर विकसित भारत की संकल्पना व केंद्र और प्रदेश सरकार की उपलब्धियों को प्रदर्शनी के माध्यम से जनता को बताने का प्रयास किया जा रहा है।
हरिद्वार स्थित प्राचीन अवधूत मंडल आश्रम
पहुंचकर सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए बताया कि भारत सरकार की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं व राज्य सरकार की विकास योजनाओं को लेकर यह प्रदर्शनी लगाई गई है। बैंकों के माध्यम से जो सुविधाएं किसानों, युवाओं, उद्योगजगत के लोगों को स्टार्टअप शुरू कर रहे है। बैंकों के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2025—26 में भविष्य की योजनाएं चल रही है। पारदर्शिता, लोगों में जागरूकता व सरकार की योजनाओं का लाभ जनता ले सके।
एक देश एक चुनाव के सवाल पर सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि देश चाहता है कि एक देश एक इलेक्शन पर केंद्र सरकार काम कर रही है। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है। समय आने पर सभी चीजे सामने आ जायेगी।
गैरसैण के ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने के पांच साल पूरे होने पर सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड एक पर्वतीय राज्य है। भारत सरकार ने विशेष श्रेणी राज्य बनाया था। जो भी योजनाएं चल रही है कि 90 प्रतिशत केंद्र सरकार देती है जबकि 10 प्रतिशत राज्य सरकार लगाती है। वह इसीलिए दिया गया कि यह पर्वतीय प्रदेश है। जबकि यूपी, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब को नही दिया गया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने दूरदर्शी सोच के चलते उत्तराखंड को विशेष श्रेणी का दर्जा दिया था। उनकी सोच थी कि उत्तराखंड सीमांत प्रदेश है। अंतर्राष्ट्रीय सीमाएं करीब 600 किलोमीटर के आसपास है। जो देश की सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है। ताकि विकास दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचे। इसी के चलते मुख्यमंत्री पद पर रहने के दौरान उत्तराखंड को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया है। ताकि दूरस्थ इलाकों में अधिकारियों व राजनीतिज्ञों का ध्यान जाए। बीज वो दिया तो तो एक दिन फलेगा भी। इस दौरान उन्होंने प्राचीन अवधूत मंडल आश्रम में हनुमान मंदिर में पूजा की और महंत रूपेंद्र प्रकाश महाराज से शिष्टाचार मुलाकात की।