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उत्तराखंड कैडर के युवा आईएएस अंशुल सिंह ने हरिद्वार रूड़की विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद हरिद्वार का सुनियोजित विकास कराने में महती भूमिका अदा की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दूरदर्शी सोच को चरितार्थ कर हरिद्वार को खेल नगरी के रूप में नई पहचान दिलाने में सफलता हासिल की। इसके अलावा प्राधिकरण क्षेत्र के भीतर की तमाम कॉलोनियों में खूबसूरत पार्क, सड़कों व नालियों को विकसित कराया। पर्यावरण संतुलन की दिशा में कार्य करते हुए हरिद्वार की सड़कों के किनारे खूबसूरत पौधारोपण कराए। अवैध कॉलोनियों पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाए तथा कॉलोनाईजरों को कॉलोनियों के मानचित्र स्वीकृत कराने के लिए प्रेरित करने की दिशा में सार्थक प्रयास किए। लेकिन अब उनकी नजर आवासीय मानचित्र स्वीकृत कराकर होटल बनाकर कमर्शियल उपयोग करने वाले भवन मालिकों पर है। ऐसे तमाम भवनों की सूची बनाकर शासन को भेजी जा रही है। शासन के निर्देशों के अनुरूप प्रभावी कार्यवाही की जायेगी।

हरिद्वार प्रेस क्लब में आयोजित संवाद कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता के रूप में आईएएस अंशुल सिंह ने अपने अभी तक कार्यकाल में किए गए तमाम कार्यो की उपलब्धियों को बताया। उन्होंने बताया कि प्राथमिकता के तौर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के खेल नगरी के रूप में पहचान दिलाने का प्रयास किया। भल्ला स्टेडियम और स्पोर्टस कांप्लेक्स का उच्चीकरण किया गया। अंतर्राष्ट्रीय खेल मानकों के अनुरूप खेल मैदान को विकसित कराने की चुनौती को पूरा करने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि वह खुद क्रिकेट के खिलाड़ी है। इसीलिए हरिद्वार के युवाओं की खेल प्रतिभा को निखारने के लिए अच्छा खेल मैदान, शुद्ध वातावरण और सर्वश्रेष्ठ कोच की नियुक्ति कराना उनकी पहली प्राथमिकता रही। हरिद्वार का युवा खेल के क्षेत्र में देश का प्रतिनिधित्व करेगा तो बेहद खुशी महसूस करेंगे।

उपाध्यक्ष अंशुल सिंह ने कहा कि प्राधिकरण का कार्य शहर का सुनियोजित विकास करने के अलावा मास्टर प्लान का सही तरीके से पालन कराना है। प्राधिकरण तमाम चुनौतियों को पार पाते हुए जनता की अपेक्षा के अनुरूप कार्य कर रहा है। प्राधिकरण से जुड़ी जन समस्याओं का संजीदा से निस्तारण कर रहा है। आवासीय मानचित्र की स्वीकृति निर्धारित समय सीमा में की जा रही है।
कमजोर आर्थिक वर्ग के लिए प्राधिकरण की ओर से निशुल्क आर्किटेक्ट की व्यवस्था भी की गई है। इसके अलावा प्राधिकरण की कई जनकल्याणकारी योजनाएं भी है। जिसमें भवन, दुकान, मकान उपलब्ध कराए जा रहे है। कोई भी व्यक्ति आवेदन कर सकता है।
हालांकि संवाद कार्यक्रम में पत्रकारों के सवालों और सुझावों को भी आमंत्रित किया गया। उपाध्यक्ष अंशुल सिंह ने बड़ी बेबाकी से सभी को संतुष्ट करने का प्रयास किया। कार्यक्रम में प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी, महामंत्री दीपक मिश्रा के अलावा तमाम गणमान्य पत्रकारों की मौजूदगी रही।
दीप प्रज्जवलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ और स्मृति चिंह देकर मुख्य अतिथि अंशुल सिंह को विदाई दी गई। अंशुल सिंह पत्रकारों के बीच बेहद सहज दिखाई दिए और पत्रकारों के लिए एक पत्रकार कॉलोनी की उम्मीद की किरण जगाकर निकले।
पत्रकारों के लिए कॉलोनी बने या ना बने लेकिन एचआरडीए के उपाध्यक्ष अंशुल सिंह के आत्मविश्वास ने पत्रकारों के चेहरों के खुशियां जरूर बिखेर दी। अब देखना होगा कि दशकों से चली आ रही पत्रकारों की यह उम्मीद पूरी होगी या फिर नए अफसर से पुराने सवाल की तरह तरोताजा रहेगी।



