सीएम पुष्कर धामी की कैबिनेट के अहम फैसले: भू-अर्जन प्रक्रिया सरल, ग्रीन हाइड्रोजन नीति को मंजूरी












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देहरादून।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित की गई उत्तराखण्ड मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के प्रशासनिक, औद्योगिक, शिक्षा, ऊर्जा एवं आधारभूत संरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन निर्णयों का उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना, औद्योगिक विकास को गति देना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना तथा रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।
सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने कैबिनेट बैठक की विस्तृत जानकारी मीडिया को दी। उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं/स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों को बड़ी राहत देते हुए यह निर्णय लिया कि जिन कर्मचारियों ने अपने मूल संवर्ग में न्यूनतम पाँच वर्ष की संतोषजनक सेवा पूर्ण कर ली है, उन्हें अपने सम्पूर्ण सेवाकाल में एक बार आपसी समझौते (म्यूचुअल अंडरस्टैंडिंग) के आधार पर जनपद परिवर्तन की अनुमति प्रदान की जाएगी। इस प्रस्ताव को कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है।
परियोजनाओं हेतु भूमि प्राप्ति की नई प्रक्रिया तय
राज्य में लघु, मध्यम एवं वृहद् परियोजनाओं के लिए भू-स्वामियों से आपसी सहमति के आधार पर भूमि प्राप्ति की प्रक्रिया को कैबिनेट ने मंजूरी दी। यह प्रक्रिया भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के अंतर्गत अत्यधिक समय लगने वाली प्रक्रिया के विकल्प के रूप में लाई गई है। इससे मुकदमेबाजी में कमी आएगी तथा जनहित की परियोजनाओं की लागत भी कम होगी।
प्राग फार्म भूमि से जुड़े शासनादेश में संशोधन
जनपद ऊधमसिंहनगर स्थित प्राग फार्म की 1354.14 एकड़ भूमि को औद्योगिक आस्थान विकसित करने हेतु सिडकुल को हस्तांतरित किए जाने संबंधी शासनादेश में संशोधन को कैबिनेट ने मंजूरी दी। संशोधन के तहत औद्योगिक विकास विभाग के माध्यम से राजस्व विभाग की सहमति से समान प्रयोजन हेतु भूमि को उप-पट्टे (सब-लीज) पर देने का अधिकार पट्टेदार को प्रदान किया गया है।
जनजाति कल्याण विभाग का ढांचा पुनर्गठित
जनजाति बहुल जनपद देहरादून, चमोली, ऊधमसिंहनगर एवं पिथौरागढ़ में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए चार जिला जनजाति कल्याण अधिकारियों के पद सृजित किए गए हैं। इन पदों को सेवा नियमावली में शामिल करने हेतु उत्तराखण्ड जनजाति कल्याण राजपत्रित अधिकारी सेवा (संशोधन) नियमावली, 2025 को प्रख्यापित करने पर कैबिनेट ने निर्णय लिया।
भू-जल निकास पर जल मूल्य/प्रभार लागू
राज्य में गैर-कृषिकारी उपयोग हेतु भू-जल के दोहन पर जल मूल्य/प्रभार की दरें तत्काल प्रभाव से लागू करने को कैबिनेट ने मंजूरी दी। यह व्यवस्था उद्योगों, होटल, अपार्टमेंट, वॉटर पार्क, वाहन धुलाई केंद्र, स्वीमिंग पूल आदि पर लागू होगी। वाणिज्यिक, औद्योगिक एवं रेजीडेंशियल अपार्टमेंट/ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी के लिए ₹5000 का पंजीकरण शुल्क निर्धारित किया गया है।
देहरादून में निजी विश्वविद्यालय को मंजूरी
राज्य को शिक्षा हब के रूप में विकसित करने की दिशा में कैबिनेट ने जनपद देहरादून में “जी.आर.डी. उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय” की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की। विश्वविद्यालय का उद्देश्य नवाचारी शिक्षा, शोध, वंचित वर्ग को अवसर प्रदान करना तथा रोजगार सृजन करना है।
चिन्यालीसौड़ व गौचर हवाई पट्टियां रक्षा मंत्रालय को हस्तांतरित
जनपद उत्तरकाशी स्थित चिन्यालीसौड़ एवं चमोली स्थित गौचर हवाई पट्टियों को सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानते हुए संयुक्त नागरिक एवं सैन्य उपयोग हेतु एडवांस लैंडिंग ग्राउंड (ALG) के रूप में लीज आधार पर रक्षा मंत्रालय को हस्तांतरित करने की सहमति कैबिनेट ने दी।
उत्तराखण्ड ग्रीन हाइड्रोजन नीति, 2026 को मंजूरी
राज्य में स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए “उत्तराखण्ड ग्रीन हाइड्रोजन नीति, 2026” के प्रख्यापन को कैबिनेट ने मंजूरी दी। यह नीति राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के अनुरूप है और जल विद्युत जैसे प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग से रोजगार सृजन, कार्बन उत्सर्जन में कमी तथा नेट-जीरो लक्ष्य प्राप्त करने में सहायक होगी।