हरिद्वार में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने का मामला, डीपीआरओ ने मुकदमा दर्ज करने के निर्देश








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धोखाधड़ी से सीआरएस पोर्टल पर कराया गया था ऑनलाइन प्रमाण पत्र, जांच में सामने आई साजिश
हरिद्वार
जनपद में फर्जी दस्तावेजों के जरिए जन्म प्रमाण पत्र जारी कराने का एक मामला सामने आया है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह ने संबंधित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि धोखाधड़ी कर गलत जन्म प्रमाण पत्र बनवाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई जाए।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने पहले ही सभी उपजिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनपद में किसी भी प्रकार का फर्जी प्रमाण पत्र जारी न हो और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह के अनुसार विकास खंड बहादराबाद क्षेत्र में गलत तरीके से जन्म प्रमाण पत्र जारी कराने का मामला प्रकाश में आया है। जांच में सामने आया कि पावधोई राम रहीम कॉलोनी ज्वालापुर निवासी श्रीमती शाहीन पत्नी उस्मान और उस्मान पुत्र मोहम्मद इकबाल ने अपनी पुत्री कु. अक्षा के जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। उन्होंने दावा किया कि उनकी पुत्री का जन्म 1 मार्च 2008 को जया मैक्सवेल अस्पताल अतमालपुर बौंगला में हुआ था।
वेदन के साथ उन्होंने 5 फरवरी 2009 का हस्तनिर्मित जन्म प्रमाण पत्र की छायाप्रति, आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र की स्वप्रमाणित प्रतियां भी संलग्न की थीं। इन दस्तावेजों के आधार पर 18 फरवरी 2026 को सीआरएस पोर्टल पर कु. अक्षा का जन्म प्रमाण पत्र पंजीकरण संख्या 174 ऑनलाइन जारी कर दिया गया।
हालांकि कुछ दिनों बाद एक व्यक्ति ने ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को जानकारी दी कि प्रस्तुत किया गया जन्म प्रमाण पत्र फर्जी है और उसी के आधार पर ऑनलाइन प्रमाण पत्र जारी कराया गया है। इस सूचना के बाद जब जया मैक्सवेल अस्पताल में जांच की गई तो पता चला कि वर्ष 2008 में यह अस्पताल अस्तित्व में ही नहीं था। इससे स्पष्ट हो गया कि संबंधित व्यक्तियों ने जाली दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी से जन्म प्रमाण पत्र बनवाया है।
जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह ने निर्देश दिए हैं कि श्रीमती शाहीन और उस्मान सहित अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र, कूटरचना से सरकारी अभिलेख तैयार करने, फर्जी साक्ष्य बनाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसी गंभीर धाराओं में तत्काल पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई जाए।
साथ ही धोखाधड़ी से जारी जन्म प्रमाण पत्र को तत्काल निरस्त कर संबंधित पक्षों को पंजीकृत डाक के माध्यम से सूचित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में इस प्रकार की किसी भी अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।