नवीन चौहान
हरिद्वार। खाकी वर्दी कानून का अनुपालन कराने के लिये जानी जाती है। खाकी वर्दी पहनने वाले पुलिसकर्मी के कंधों पर कानून व्यवस्था को बनाये रखने का दायित्व होता है। इसीलिये व्यक्ति इंसाफ पाने की पहली उम्मीद खाकी वर्दी पहनने वाले पुलिसकर्मी से करता है। ऐसे में यदि पुलिस ही रिश्वत की मांग करने लगे तो मामला बेहद गंभीर और शर्मनाक हो जाता है। कानून के रखवाले ही भ्रष्ट होने लगेंगे तो कानून के रखवाला कहें जाने वाली पुलिस से जनता का भरोसा ही उठ जायेगा। खाकी पर जनता के भरोसे को जिंदा रखने के लिये एक व्यक्ति की शिकायत पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने एक महिला दारोगा के खिलाफ विभागीय जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में शिकायत सही पाये जाने पर आरोपी महिला दारोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी कर दिये है।
गत दिनों हरिद्वार जनपद के एक मुकदमे की विवेचना महिला दारोगा को दी गई थी। महिला दारोगा ने उक्त मुकदमे की विवेचना शुरू कर दी। विवेचना के दौरान महिला दारोगा ने आरोपियों को लाभ पहुंचाने के लिये रिश्वत की मांग की गई। महिला दारोगा ने आरोपियों को कई बार फोन किया। महिला दारोगा की इस हरकत से परेशान होकर मुकदमे के आरोपियों ने मामले की शिकायत एसएसपी कार्यालय को कर दी। एसएसपी ने शिकायत को गंभीरता से लिया। मामला विभागीय होने के चलते पुलिस महकमे के एक महिला अफसर ने शिकायत की पूरी जांच कराई। शिकायतकर्ता की ओर से दी गई रिकार्डिंग को भी तस्दीक कराया गया। महिला पुलिस अफसर ने आरोपी महिला दारोगा से आरोपों के संबंध में पूछताछ की गई। आरोपी महिला दारोगा की बातचीत की रिकार्डिंग की पूरी जानकारी ली गई। जांच पूरी करने के बाद महिला अफसर ने अपनी रिपोर्ट एसएसपी कार्यालय को भेज दी। इस रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने आरोपी महिला दारोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी कर दिये है। मुकदमा दर्ज करने की रिपोर्ट संबंधित थाने को भेज दी गई है। जल्द ही आरोपी महिला दारोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जायेगा।










