Haridwar के मासूम बच्चों ने पहली बार देखा गणतंत्र महोत्सव, जानिए पूरी खबर








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नवीन चौहान

हरिद्वार। हरिद्वार के 74 मासूम बच्चों ने पहली बार गणतंत्र दिवस महोत्सव का आनंद लिया। इन बच्चों ने मंत्री से लेकर डीएम और पुलिस अफसरों को नजदीक से देखा। बेहद शालीनता का परिचय देते हुये इन गरीब बच्चों ने गणतंत्र दिवस पर्व पर भारत की संस्कृति और संविधान के महत्व को जाना। इस दौरान कई मासूम बच्चों के मन में कई जिज्ञासा भी आई। उत्सुकता में कई सवाल भी पुलिसकर्मियों से पूछे। जिसके बाद ये बच्चे बहुत आनंदित हुये और पुलिस के स्वादिष्ट नाश्ते का स्वाद भी चखा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार वीके की धर्मपत्नी शीबा कृष्ण कुमार वीके, एसपी सिटी ममता वोहरा, एएसपी रचिता जुयाल ने हरिद्वार की हरकी पैड़ी के आसपास की झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले 74 गरीब बच्चों को शिक्षित करने का बीड़ा उठाया। इन मिशन को पूरा करने के लिये महिला हेल्प लाइन प्रभारी कविता और हेल्प लाइन की महिला कांस्टेबल को लगाया गया ।  इन सभी अधिकारियों ने इन 74 गरीब बच्चों को शिक्षित करने के लिये पुलिस कंट्रोल रूम में नियमित कक्षायें दी गई।

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बच्चों को उठने बैठने और बातचीत करने का सलीका सिखलाया गया। जिसके बाद इन बच्चों को अक्षर ज्ञान देना शुरू किया। एसएसपी की धर्म पत्नी शीबा कृष्ण कुमार वीके और एसपी सिटी ममता वोहरा ने इन बच्चों को नगर में सफाई अभियान चलाकर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन के बारे में बताया। इन्ही 74 बच्चों को 26 जनवरी की परेड देखने के लिये पुलिस लाइन रोशनाबाद में आमंत्रित किया गया। बाकायदा एक सभ्य वेशभूषा में सभी 74 बच्चे बेहद अनुशासित तरीके से कार्यक्रम में बैठे। इन बच्चों को पहली बार गणतंत्र दिवस कार्यक्रम को अपनी खुली आंखों से देखने का मौका मिला। इन बच्चों ने बेहद शालीनता का परिचय दिया। एक हरे रंग की वेशभूषा में ये तमाम बच्चे खुद एक आकर्षण का केंद्र बन गये। इन बच्चों  के मन में भारत का संविधान जानने की इच्छा जाग्रत हुई। बच्चों ने पहली बार गणतंत्र का महत्व जाना। बतादे कि गण अर्थात नागरिक की रक्षा के लिये बना तंत्र की वास्तविक गणतंत्र है। गणतंत्र दिवस भारत के नागरिको को संविधान के दायरे में रहकर अनुशासित जीवन जीने की प्रेरणा देता है।

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शायद इन बच्चों को इस देश में गणतंत्र जानने का ये मौका हरिद्वार पुलिस के अफसरों की कर्तव्यनिष्ठा से संभव हो पाया है। अगर देश के मंत्री, नौकरशाह और सभी नागरिक संविधान के मूल को समझे तो भारत के बच्चे झुग्गी झोपड़ी में रहकर गरीबी का जीवन गुजारने को विवश ना हो। हरिद्वार पुलिस ने तो 74 गरीब बच्चों को गणतंत्र के महत्व को बता दिया। लेकिन आज भी भारत में हजारों गरीब बच्चे गणतंत्र के महत्व से अंजान है। जिनका भविष्य संवारने के लिये देश के नागरिकों को अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर आगे आना होगा।