कालीमठ में मां काली का आशीर्वाद लेने के बाद श्रीबदरीनाथ धाम पहुंचे सांसद त्रिवेंद्र रावत




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हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत का गढ़वाल दौरे पर पुरोहितों ने किया स्वागत

नवीन चौहान.
पूर्व मुख्यमंत्री व हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत इन दिनों अपनी अध्यात्म और धार्मिक यात्रा पर हैं। उनकी यह यात्रा गढ़वाल के धार्मिक स्थलों की है। सांसद त्रिवेंद्र सिंह इस समय भक्ति में सरोबार होकर धार्मिक यात्रा में गढ़वाल दौरे पर हैं।

अपनी गढ़वाल में धार्मिक यात्रा की शुरूआत गुरूवार 17 अक्तूबर को अपने देहरादून डिफेंस कालोनी स्थित आवास से की। 10 बजे वह श्रीनगर पहुंचे और वहां से रूद्रप्रयाग के लिए रवाना हुए।

रूद्रप्रयाग में उन्होंने कालीमठ में मां काली के दरबार हाजिरी लगायी और विधिवत पूजा अर्चना कर मां काली का आशीर्वाद प्राप्त किया। पुरोहितों ने उनका स्वागत और अभिनंदन किया।

शुक्रवार की सुबह वह भगवान शिव के बेटे स्वामी कार्तिकेय का आशीर्वाद लेने कार्तिक स्वामी मंदिर पहुंचे। करीब साढ़े पांच किमी पैदल चढ़ाई पूरी कर उन्होंने भगवान कार्तिक के दर्शन कर पूजा अर्चना की। उसके बाद वह पैदल मार्ग से ही कनकचौरी पहुंचे।

यहां से वह चमोली पहुंचे और स्थानीय लोगों से मुलाकात की। शाम को सात बजे वह श्री बदरीनाथ धाम पहुंचेंगे। यहां वह संध्या आरती में प्रतिभाग करेंगे और यहीं पर ​रात्रि विश्राम करेंगे।

रुद्रप्रयाग जनपद में क्रोंच पर्वत के शिखर पर स्थित देवाधिदेव महादेव के ज्येष्ठ पुत्र कार्तिकेय को समर्पित ‘कार्तिक स्वामी मंदिर’ में भगवान कार्तिकेय का आशीर्वाद लिया, जिसके लिए एक अद्भुत ट्रैकिंग अनुभव करना होता है। यह मंदिर क्षेत्र विहंगम प्राकृतिक दृश्यों से भरपूर है, साथ ही यहां से चारों ओर हिमालय की पर्वत श्रृंखलाओं के दर्शन भी उपलब्ध हैं। ऐसा माना जाता है कि भगवान श्रीबदरीनाथ के दर्शन से पहले भगवान कार्तिकेय के दर्शन कर उनका आशीर्वाद लेना चा​हिए।