सांसद त्रिवेंद्र रावत बोले अज्ञानी सांसद ने संस्कृत पर उठाया सवाल, केजरीवाल के झूठ का अंत
न्यूज127
पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हरिद्वार के किसानों की बाढ़ संबंधी गंभीर समस्या को लोकसभा के सदन में मुखरता से उठाकर किसानों के प्रति संवेदनशीलता दिखाई। तो हरिद्वार के किसानों ने भी सांसद को अपना सच्चा जनप्रतिनिधि माना।
हरिद्वार डामकोटी पहुंचे हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने हरिद्वार के किसानों की समस्याओं को बारीकी से समझा और महसूस किया। हरिद्वार में अवैज्ञानिक तरीके से खनन हो या बाढ़ से फसलों को होने वाले नुकसान की बात हो। उन्होंने कहा कि जब वह चुनाव प्रचार के दौरान जनता के बीच गए तो गंगा की बाढ़, सोलानी नदी की बाढ़ की विभीषिका के दुष्परिणाम की जानकारी मिली। किसानों की फसलों को नुकसान से बचाने के लिए गंगा पर तटबंध बनाना बहुत जरूरी है। हालांकि यह एक बहुत भारी भरकम बजट का कार्य है। राज्य सरकार के पास सीमित संसाधन होते है। ऐसे में संसद में यह विषय उठाया ताकि किसानों की फसलों को नुकसान से बचाया जा सके।
सांसद पर किया कटाक्ष
लोकसभा सत्र में सांसद दयानिधि मारन के संस्कृत को लेकर उठाए गए सवाल पर सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा उक्त सांसद को 24 घंटे राजनीति दिखाई देती है। जबकि संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है। भारत की आत्मा है। वेद, उपनिषद, पुराण सभी संस्कृत भाषाओं में है। संस्कृत को समझे बिना भारत को समझना मुश्किल है। भारत को समझना है तो संस्कृत को समझना होगा। आधुनिक पक्ष में संस्कृत वो भाषा है जो आप लिखते है, वही पढ़ते है। जबकि अन्य भाषाओं में ऐसा नही है। अन्य भाषाओं में उच्चारण बदल जाता है। जो आधुनिक संसाधन है, आफिसियल इंटेलीजेंस है तो संस्कृत से अच्छी भाषा नही हो सकती है। ये आज वैज्ञानिक प्रमाणिक है। जिन सांसद ने यह बात उठाई है, वह अज्ञानी है या पूर्वाग्रह से ग्रसित है।
केजरीवाल के झूठ का अंत
सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के साधारण तरीके से असाधारण झूठ बोलने बोलने वाली की पार्टी का अंत हुआ है। यह अब कभी नही उठ पायेगे। इनकी सारी असलियत सामने आ जायेगी। कुछ आ चुकी है और कुछ अब आने वाली है। भारत की राजनीति में सनसनी फैलाने का कार्य किया। सरकारी धन का बहुत क्रूरता के साथ नुकसान पहुंचाया है। जनता ने उसको समझा है। इसीलिए जनता ने भाजपा को प्रचंड बहुमत दिया है।



