न्यूज 127. हरिद्वार।
नगर निगम में लाइनमैन के पद पर तैनात एक कर्मचारी की पिछले वर्ष हुई मौत के मामले में नया मोड आ गया है। मृतक की पत्नी ने इसे सुनियोजित हत्या बताया, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने एक महिला सहित दो लोगों के खिलाफ हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार अदालत में प्रार्थना पत्र देकर ब्रह्मपुरी रावली महदूद निवासी माया देवी ने बताया कि वर्ष 2010 में उनका विवाह नगर निगम में लाइनमैन रहे प्रवेश कुमार से हुआ था। उनका एक 14 वर्षीय बेटा भी है। माया देवी ने आरोप लगाया कि पति की जान-पहचान बढ़ने के बाद मुनेश देवी नाम की महिला अक्सर घर आने-जाने लगी थी, जिसके चलते परिवार में अनबन शुरू हो गई। माया का कहना है कि मुनेश देवी की नजर लंबे समय से पति की संपत्ति और नौकरी पर थी। आरोप है कि इसी के चलते पति ने भरण–पोषण देना बंद कर दिया और विवाद के बाद उन्हें घर से निकाल दिया।
माया देवी ने बताया कि 21 अक्टूबर 2024 को पति की मौत हो गई, लेकिन इसकी भनक तक उन्हें नहीं लगने दी गई। 22 अक्टूबर को नगर निगम दफ्तर पहुंचने पर कर्मचारियों से उन्हें घटना की जानकारी मिली। जब वह तुरंत पति के घर पहुंचीं तो वहां मौजूद मुनेश और उसके परिजनों ने न तो कोई जानकारी दी और उल्टा धमकाया। उन्होंने सेवानिवृत्त पेशकार रमेश चंद पर भी प्रशासनिक दबदबे का इस्तेमाल कर डराने-धमकाने का आरोप लगाया है। माया देवी का कहना है कि पति की मृत्यु संदिग्ध परिस्थितियों में हुई और पूरी साजिश संपत्ति व प्रोविडेंट फंड की रकम हड़पने के लिए रची गई। आरोप है कि पति की संपत्ति भी षड्यंत्रपूर्वक मुनेश देवी के नाम करा दी गई। कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, और मामले की जांच की जा रही है।
लाइनमैन प्रवेश की के मौत प्रकरण में एक साल बाद हत्या का मुकदमा




