देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान और विधिसम्मत शासन सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री




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न्यूज 127. नई दिल्ली
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘शब्दोत्सव’ कार्यक्रम के पंचम सत्र ‘धर्मरक्षक धामी’ में प्रतिभाग करते हुए उत्तराखण्ड सरकार की नीतियों, निर्णयों और उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखण्ड की मूल सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक समरसता और कानून के शासन को सुदृढ़ करने के लिए पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है।

नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि राज्य में सरकारी भूमि पर सुनियोजित ढंग से किए गए अवैध कब्जों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की गई है। अब तक 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यह अभियान किसी व्यक्ति या वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि कानून के पालन और सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा के लिए चलाया गया है।

शिक्षा के क्षेत्र में सरकार के फैसलों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 जुलाई 2026 के बाद वही मदरसे संचालित हो सकेंगे, जो राज्य शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम का पालन करेंगे। उन्होंने बताया कि अब तक 250 से अधिक ऐसे मदरसे बंद किए जा चुके हैं, जो निर्धारित मानकों और नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय किसी को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिया गया है। उन्होंने दो टूक कहा कि राज्य में किसी भी प्रकार की कट्टरवादी मानसिकता को पनपने नहीं दिया जाएगा और शिक्षा के वास्तविक मंदिर स्थापित किए जाएंगे।

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल मतदाता सूची का विषय नहीं है, बल्कि इससे राज्य की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की पारदर्शिता और वित्तीय प्रबंधन भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने आयुष्मान योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि अनुमान से कहीं अधिक व्यय सामने आने के बाद सत्यापन की आवश्यकता और अधिक स्पष्ट हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि राशन कार्ड, आधार कार्ड और वोटर कार्ड के सत्यापन की प्रक्रिया पहले ही प्रारंभ की जा चुकी है, जिसका उद्देश्य किसी विशेष वर्ग को लक्षित करना नहीं, बल्कि व्यवस्था को दुरुस्त करना है।

‘धर्मरक्षक धामी’ विषय पर अपने विचार रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किए गए सभी कार्य पूर्णतः विधिसम्मत हैं। अब तक लगभग 600 अवैध ढांचों को हटाया गया है, जिनमें किसी भी प्रकार के वैध अवशेष नहीं पाए गए। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण के प्रयासों को सख्ती से रोका गया है और देवभूमि के देवत्व एवं मूल स्वरूप की रक्षा करना उनकी प्राथमिकता के साथ-साथ व्यक्तिगत संकल्प भी है।

आगामी विधानसभा चुनावों के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में संगठन और सरकार निरंतर सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड में अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून तथा मदरसा बोर्ड को समाप्त कर नया अधिनियम लागू किए जाने को राज्य सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धियां बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में केंद्र और राज्य सरकार की दो लाख से अधिक विकास योजनाएं संचालित हो रही हैं। नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) इंडेक्स में उत्तराखण्ड ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य ‘अचीवर्स’ श्रेणी में रहा है, जबकि स्टेट माइनिंग रेडीनेस इंडेक्स में उत्तराखण्ड को देश में दूसरा स्थान मिला है। सिंगल विंडो सिस्टम को भी टॉप अचीवर्स श्रेणी में सम्मानित किया गया है।

पर्यटन क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखण्ड को बेस्ट वाइल्डलाइफ डेस्टिनेशन और बेस्ट एडवेंचर डेस्टिनेशन के राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार 2024 में जाखोल, हर्षिल, गुंजी और सूपी गांव को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव घोषित किया गया है।

मानसखण्ड कॉरिडोर और कालनेमि से जुड़े प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारखण्ड और मानसखण्ड दोनों क्षेत्रों में तीर्थस्थलों का समग्र विकास किया जा रहा है। चारधाम ऑल वेदर रोड, बदरीनाथ मास्टर प्लान, ‘भव्य केदार, दिव्य केदार’ परियोजना, हेमकुण्ड साहिब और केदारनाथ रोपवे जैसी परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत कुमाऊं क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों के पुनर्निर्माण, सौंदर्यीकरण और कनेक्टिविटी पर कार्य किया जा रहा है।

दिल्ली-देहरादून कनेक्टिविटी पर मुख्यमंत्री ने बताया कि एलीवेटेड रोड परियोजना लगभग पूर्ण हो चुकी है और इसके शुरू होने के बाद दिल्ली से देहरादून की दूरी मात्र 2 से 2.5 घंटे में तय की जा सकेगी। देहरादून शहर में यातायात समस्या के समाधान के लिए रिंग रोड और आंतरिक एलीवेटेड रोड परियोजनाओं पर भी केंद्र सरकार के सहयोग से तेजी से कार्य चल रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सही नीयत, दृढ़ संकल्प और पारदर्शी शासन के माध्यम से अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा सकता है और राज्य सरकार इसी लक्ष्य को लेकर निरंतर कार्य कर रही है।