न्यूज 127. अल्मोड़ा।
जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कहा कि जनहित से जुड़े विकास कार्यों के लिए प्रस्तावित वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों पर संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत ध्यान दें, ताकि किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि समयबद्ध और समन्वित कार्रवाई से ही विकास योजनाओं को गति दी जा सकती है।
जिलाधिकारी अंशुल सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को जिलाधिकारी कैंप कार्यालय में वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के लंबित एवं प्रगतिरत वन भूमि हस्तांतरण प्रस्तावों की बिंदुवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी औपचारिकताएं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण की जाएं और विभागीय समन्वय में किसी भी प्रकार की कमी न रहे।
उन्होंने कहा कि वन संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों का पूरी तरह अनुपालन सुनिश्चित करते हुए प्रस्तावों को शीघ्र शासन स्तर तक प्रेषित किया जाए। जिन प्रकरणों में आपत्तियां अथवा तकनीकी कमियां हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर करने के निर्देश भी जिलाधिकारी ने दिए।
जिलाधिकारी ने कार्यदाई संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी प्रस्ताव को पोर्टल पर अपलोड करने से पूर्व वन विभाग के साथ संयुक्त रूप से उसका आंकलन कर लिया जाए, ताकि संभावित आपत्तियों का समाधान पहले ही किया जा सके और बाद में प्रक्रिया बाधित न हो।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी दीपक सिंह, प्रदीप धौलाखंडी, मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों पर अधिकारी व्यक्तिगत ध्यान दें: जिलाधिकारी अंशुल सिंह




