मुख्यमंत्री के निर्देश पर हरिद्वार के नामी अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई












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न्यूज 127.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने जनपद में मानकों के अनुरूप संचालित न हो रहे क्लीनिकों और अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर शिकंजा कसा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए गए सघन चेकिंग अभियान में अनियमितताएँ सामने आने के बाद अल्ट्रा साउंड सेंटरों और ​हॉस्पिटलों पर बड़ी कार्रवाई की है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर. के. सिंह ने बताया कि शिकायतों के निराकरण और निरीक्षण के लिए अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश कुंवर की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई थी। इस टीम में जिला समन्वयक पीसीपीएनडीटी रवि संदल, राजन ठाकुर और कुलदीप बिष्ट शामिल रहे। चेकिंग अभियान के दौरान दो अल्ट्रासाउंड मशीनें मानक अनुसार संचालित न होने पर सील की गई। इसके अलावा तीन अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर मौके पर डॉक्टर न मिलने पर जुर्माना लगाया गया। 19 नैदानिक संस्थानों में नियमावली के उल्लंघन पर 50-50 हजार का जुर्माना लगाया गया। निरीक्षण के दौरान 9 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना भी वसूला गया।
जिन संस्थानों पर कार्रवाई हुई उनमें मान्य डायग्नोस्टिक (बहादराबाद), ग्लोबल मल्टीस्पेशलिटी, लंढौरा को सील किया गया। दीप अल्ट्रासाउंड (सुल्तानपुर), यशलोक हॉस्पिटल (रुड़की), आर्यावर्त हॉस्पिटल (कनखल) पर जुर्माना लगाया और नोटिस जारी किया गया। नियम उल्लंघन पर लोटस हॉस्पिटल (ज्वालापुर), एसएन पैथोलॉजी लैब (बहादराबाद), मेडविन अस्पताल (रुड़की), दून पैथोलॉजी लैब (लंढौरा), खुशी हॉस्पिटल (लंढौरा), लाइफ हेल्थ केयर (भगवानपुर चंदनपुर), सहारा हॉस्पिटल (मंगलौर), ग्रीन हॉस्पिटल (मंगलौर), डिवाइन हॉस्पिटल (मंगलौर), सिटी हॉस्पिटल (मंगलौर), न्यू मिशन हॉस्पिटल (मंगलौर), फैमिली हेल्थ केयर (सुल्तानपुर), वेलनेस हॉस्पिटल (इमलीखेड़ा), शिखर हॉस्पिटल (इमलीखेड़ा) पर 50—50 हजार का जुर्माना लगाया गया।

इसके अलावा चौहान एक्सरे क्लीनिक (लंढौरा), बालाजी एक्सरे सेंटर (लंढौरा), सहारा हॉस्पिटल (सुल्तानपुर), खुशी हेल्थ केयर (भगवानपुर), लाइफलाइन अस्पताल (इमलीखेड़ा) की मशीनें जब्त की गई। स्वास्थ्य विभाग ने साफ कहा है कि जनपद वासियों और श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री धामी के निर्देशों के बाद अब ऐसे संस्थानों पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।