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एसओटीएफ के रडार पर थानों के तमाम कोतवाल और सिपाही आ चुके है। पुलिस की निगेहबानी करने के लिए एसओटीएफ काम करेगी। इसमें काबिल ईमानदार पुलिस की टीम रहेगी। जो अपराधियों और पुलिस के गठजोड़ के तिलिस्म को तोड़ने का कार्य करेगी। इसी के साथ नशा तस्करों के तमाम मंसूबों को नाकाम करेगी। पुलिस महानिरीक्षक कुमायूँ रेंज श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल के निर्देशों पर गठित की गई एसओटीएफ ऐतिहासिक काम करेगी।
स्पेशल आप्रेशन टास्क फोर्स का उद्देश्य नशे के कारोबार और पुलिस की मिलीभगत से हो रहे भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। समाज में कानून-व्यवस्था और शांति-सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करना है। एसओटीएफ की कार्रवाई के दौरान कोई पुलिसकर्मी किसी आपराधिक गतिविधि में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की जाएगी। कुमायूँ में रेंज स्तर पर SOTF (Special Operations Task Force) का गठन किया गया है।
आईजी रिधिम अग्रवाल ने बताया कि रेंज स्तर हैल्प लाईन नम्बरः 9411110057 जारी किया है। जिस पर केवल अवैध ड्रग्स के कारोबार एवं पुलिस की मिलीभगत से हो रहे भ्रष्ट्राचार एवं संगठित/जघन्य अपराधों की ही सूचना दी जायेगी। अन्य शिकायतों एवं आपातकालीन स्थिति के लिए डायल 112 पर कॉल की जायेगी।
आईजी रिधिम अग्रवाल की गिनती देश के ईमानदार आईपीएस अफसरों में की जाती है। वह अपने फर्ज को पूरी कर्तव्यनिष्ठ के साथ निभाती है। जिसके चलते पुलिस महकमे में उनके नाम का खौफ रहता है। आदर्श, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की पहचान रखने वाली रिधिम अग्रवाल अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए पुलिस महकमे में कई प्रयोग करती रही है। इस बार उनका प्रयोग नशा मुक्त उत्तराखंड की दिशा में है।
आईजी रिधिम अग्रवाल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नशा मुक्त उत्तराखंड मिशन को सफल बनाने के लिए यह अभिनव प्रयोग कर रही है। इसी के चलते उन्होंने अपराधियों और पुलिस के गठजोड़ के तिलिस्म को तोड़ने के लिए (Special Operations Task Force) का गठन किया है। कुमायूं रेंज की आईजी ने एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है।
विदित हो कि कुमायूं रेंज के विभिन्न जनपदों से जनप्रतिनिधियों, आमजनमानस ने लगातार ड्रग्स की बिक्री, पुलिस की मीलीभगत से हो रहे भ्रष्टाचार एवं गंभीर संगठित अपराधों की शिकायत कर रहे थे। इन शिकायतों के निस्तारण हेतु सम्बन्धित जनपदों को ही निर्देशित किया जाता रहा है, किन्तु अक्सर देखने में आया है कि स्थानीय पुलिस द्वारा शिकायतों को गम्भीरता से न लेकर सिर्फ खानापूर्ति की जाती है और अपराधियों के साथ मीलीभगत होना भी संज्ञान में आया है।
साथ ही साथ प्राय़ः देखने में आया है कि स्कूल/कॉलेजो एवं शिक्षण संस्थानों के आस पास नशे के अवैध कारोबारियों द्वारा युवाओं को नशे की गिरफ्त में फंसाकर उनका शारीरिक, मानसिक और सामाजिक पतन किया जा रहा है।
इसी के मद्देनजर आईजी कुमायूँ ने प्रेस को जारी बयान में बताया कि इन अपराधों के त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण के लिए कुमायूँ रेंज के सभी जनपदों से इच्छुक एवं योग्य पुलिसकर्मियों का साक्षात्कार लेकर उनका चयन कर एक विशेष स्पेशल ऑपरेशन टास्क फोर्स (SOTF) का गठन किया गया है। यह टीम परिक्षेत्रीय स्तर पर नशे के कारोबार एवं पुलिस की संलिप्तता से हो रहे भ्रष्ट्राचार के सम्बन्ध में आने वाली शिकायतों पर त्वरित एवं निष्पक्ष कार्यवाही हेतु आई0जी के निर्देशन में गुण दोष के आधार पर स्वयं जांच करेगी, जिससे इस प्रकार की शिकायतों का प्रभावी रुप से निस्तारण किया जा सकेगा ।
आईजी कुमायूं रेंज ने साफ शब्दों में कहा कि यदि जांच के दौरान यह सामने आता है कि किसी भी स्तर पर पुलिस की मिलीभगत पायी गयी, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी पुलिसकर्मी को इस मामले में बख्शा नहीं जाएगा। यह टीम न सिर्फ जनता की शिकायतों को गंभीरता से सुनेगी, बल्कि हर मामले की तह तक जाकर दोषियों पर शिकंजा कसेगी।
आम जनमानस द्वारा अवैध ड्रग्स के कारोबार, संगठित अपराध, जघन्य अपराध एवं पुलिस की संलिप्तता से हो रहे भ्रष्ट्राचार की सूचना ही कुमायूँ परिक्षेत्र द्वारा जारी हैल्पलाईन नम्बर 9411110057 पर दी जा सकती है, सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जायेगा । अन्य सामान्य शिकायतों की सूचना डायल 112 पर ही दें, जो जनपदों द्वारा संचालित की जाती है।
- इस निर्णय से न केवल अपराधों पर नियंत्रण की उम्मीद बढ़ी है, बल्कि जनता में भी विश्वास जगा है कि अब उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुना जाएगा।
- कुमायूं रेंज पुलिस का यह कड़ा और ऐतिहासिक कदम न केवल अपराधियों में भय पैदा करेगा, बल्कि ईमानदार पुलिसकर्मियों के मनोबल को भी बढ़ाएगा। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि कुमायूं रेंज में अब किसी भी आपराधिक तत्व को पनाह नहीं दी जाएगी और हर हाल में कानून का राज स्थापित किया जाएगा।



