GST Reforms: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता को दी मंहगाई से राहत




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नवीन चौहान .
केंद्र सरकार ने इस दिवाली देशवासियों को बड़ा तोहफ़ा देते हुए Next-Gen GST Reforms लागू कर दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह सुधार आम जनता, किसानों, उद्योगों और छोटे कारोबारियों – सभी को राहत देंगे और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में बड़ा कदम साबित होंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि स्वतंत्रता दिवस पर घोषित अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों को लेकर केंद्र सरकार द्वारा तैयार विस्तृत प्रस्ताव को जीएसटी काउंसिल ने मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री ने बताया कि इन सुधारों में व्यापक स्तर पर जीएसटी दरों का तर्कसंगतीकरण और प्रक्रियागत बदलाव शामिल हैं, जिनका उद्देश्य आम नागरिकों के जीवन को सरल बनाना और अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्यों से मिलकर बनी जीएसटी काउंसिल ने सर्वसम्मति से दरों में कटौती और सुधारों पर सहमति जताई है। इन सुधारों से आम जनता, किसान, एमएसएमई, मध्यम वर्ग, महिलाएं और युवा प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि इन व्यापक सुधारों से नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार होगा और कारोबार करना, विशेषकर छोटे व्यापारियों और व्यवसायों के लिए, और भी आसान हो जाएगा।

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 अगस्त 2025 को लालकिले से घोषित नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी सुधारों को आज (बुधवार) जीएसटी काउंसिल ने मंजूरी दे दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इन सुधारों का मकसद टैक्स प्रणाली को और सरल, पारदर्शी और जनहितैषी बनाना है। उन्होंने कहा कि “नए प्रावधानों से आम आदमी को सीधी राहत मिलेगी और कारोबारियों के लिए ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ का माहौल बनेगा।” बताया कि अब ‘सिंपल टैक्स’ व्यवस्था, मौजूदा चार-स्तरीय ढाँचे की जगह दो दरें लागू होंगी। मानक दर: 18%, मेरिट दर: 5%, चुनिंदा वस्तुओं पर 40% डि-मेरिट दर भी रखी जाएगी। सभी जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों पर जीएसटी की पूरी छूट।

रोज़मर्रा की चीज़ें सस्ती
हेयर ऑयल, साबुन, शैम्पू, टूथपेस्ट, टूथब्रश – अब 5% जीएसटी।
बटर, चीज़, डेयरी प्रोडक्ट्स, पैक्ड नमकीन व स्नैक्स – अब 5% जीएसटी।
बर्तन, नैपकिन, डायपर और सिलाई मशीन – भी 5% टैक्स स्लैब में।

किसानों और कृषि क्षेत्र को राहत
ट्रैक्टर और उसके पार्ट्स – 18% से घटकर 5%।
कीटनाशक, माइक्रोन्यूट्रिएंट्स – 12% से 5%।
ड्रिप इरिगेशन सिस्टम और कृषि मशीनें – 12% से 5%।

स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार
व्यक्तिगत स्वास्थ्य और जीवन बीमा – अब जीएसटी मुक्त (NIL)।
थर्मामीटर, मेडिकल ऑक्सीजन, डायग्नोस्टिक किट – 5% टैक्स।
ग्लूकोमीटर और टेस्ट स्ट्रिप्स – 5% टैक्स।
चश्मे (Spectacles) – 5% टैक्स।

शिक्षा होगी सस्ती
मैप्स, चार्ट्स, ग्लोब – अब जीएसटी मुक्त।
पेंसिल, शार्पनर, क्रेयॉन्स – 5% टैक्स।
एक्सरसाइज बुक्स और नोटबुक्स – 0% टैक्स।

वाहन होंगे किफायती
पेट्रोल/डीज़ल हाइब्रिड कारें (1500cc तक) – 28% से 18%।
सीएनजी/एलपीजी कारें – 28% से 18%।
तीन-पहिया वाहन और 350cc तक की मोटरसाइकिलें – 18% जीएसटी।
माल ढोने वाले वाहन – भी 28% से घटकर 18%।

इलेक्ट्रॉनिक सामान होंगे सस्ते
एसी, टीवी (32 इंच तक), वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर – 28% से घटकर 18%। किचन और घरेलू उपकरण – भी 18% टैक्स पर।

प्रक्रिया सुधार (Process Reforms)
3 दिन में आसान ऑटोमेटिक रजिस्ट्रेशन।
इनपुट टैक्स क्रेडिट सीमा 2.5 लाख तक तय।
जीएसटी रिफंड की तेज़ व्यवस्था – ऑनलाइन सिस्टम से।